Gurdaspur Border Murder: पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाक बॉर्डर से सिर्फ एक किलोमीटर पहले एक पुलिस पोस्ट है, जहां बीएसएफ और पंजाब पुलिस के पांच जवान अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं. शनिवार की रात उस पुलिस पोस्ट पर पंजाब पुलिस के दो जवान तैनात थे. लेकिन रविवार की सुबह वहां उन दोनों की लाशें मिलीं. दोनों पुलिसवालों के सिर में करीब से गोली मारी गई थी. जब इस वारदात की तफ्तीश आगे बढ़ी तो एक ऐसा सच सामने आया, जिसने सबको हैरान कर दिया. पुलिसवालों के कत्ल की ये कहानी बेहद चौंकानेवाली है.
पुलिस पोस्ट की कहानी
गुरदासपुर जिले का एक गांव है आदिया. करीब ढाई हजार की आबादी वाला वो गांव भारत पाकिस्तान सरहद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. इस गांव से पाकिस्तान की जो सरहद लगती है, पाकिस्तान के उस इलाके का नाम हाजी पीर है. बीएसएफ यानि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने इस गांव को गोद ले रखा है. और उसी आदिया गांव में मौजूद है एक पुलिस पोस्ट. उस छोटे से पुलिस पोस्ट में पंजाब पुलिस और बीएसएफ के कुल पांच लोग अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी पर होते हैं. उन पांच में से तीन पंजाब पुलिस के जवान और दो बीएसएफ के जवान होते हैं. पंजाब पुलिस का एएसआई यानि असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर इस पुलिस पोस्ट का इंचार्ज होता है. ये पुलिस पोस्ट गुरदासपुर जिले के डोरांगला थाने के तहत आता है.
फोन पर नहीं मिला जवाब
बात रविवार सुबह की है. डोरांगला थाने के एसएचओ पुलिस पोस्ट में फोन करते हैं. पर कई कॉल करने के बावजूद जब पोस्ट से कोई जवाब नहीं आता तब वो परेशान हो जाते हैं. क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा था. वो फौरन गांव के सरपंच कमलजीत को पुलिस पोस्ट जाकर ये पता लगाने को कहते हैं कि आखिर वहां के इंचार्ज या दूसरे पुलिसवाले फोन क्यों नहीं उठा रहे हैं.
पुलिस पोस्ट के अंदर खूनी मंजर
इसी के बाद सरपंच कमलजीत उस पुलिस चौकी में पहुंचते हैं. सरपंच जब पुलिस चौकी में पहुंचे तो उन्हें पहला मंजर ये दिखाई दिया कि अंदर कुर्सी पर चौकी इंचार्ज एएसआई गुरनाम सिंह अपनी कुर्सी पर बैठे थे. पहले सरपंच को लगा कि शायद वो सो रहे हैं. लेकिन जैसे ही वो करीब गया सिर से रिसता खून देखते ही वो घबरा गए. इसके बाद जब सरपंच ने उसी चौकी के अंदर कुर्सी के बराबर में पड़ी चारपाई की तरफ देखा तो वहां रजाई ओढ़े एक दूसरा पुलिस वाला सो रहा था. कमलजीत जैसे ही उसे उठाने के लिए उसके करीब गए तो देखा कि उसके सिर से भी खून बह रहा था.
दो पुलिसवालों की लाशें बरामद
दरअसल, वो दोनों पुलिसवाले मर चुके थे. उस पुलिस पोस्ट में दो लाशें पड़ीं थीं. एक एएसआई गुरनाम सिंह की और दूसरी होमगार्ड अशोक कुमार की. यानि भारत पाक सरहद के सिर्फ एक किलोमीटर अंदर पंजाब पुलिस और बीएसएफ की इस आखिरी पुलिस पोस्ट के अंदर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी. जाहिर है इलाके को देखते हुए ये मामला अपने आप में बेहद चौंकाने वाला था. इस चेकपोस्ट पर इससे पहले कभी ऐसी कोई वारदात नहीं हुई थी.
किसने किया पुलिसवालों का मर्डर?
दो पुलिसवालों के कत्ल की बात पता चलते ही बीएसएफ और गुरदासपुर एसएसपी समेत तमाम पुलिसवाले मौके पर पहुंचे. जांच शुरु हो जाती है. जांच के दौरान पता चलता है कि इस पुलिस पोस्ट के सामने जो सीसीटीवी कैमरा लगा था, वो पिछले एक महीने से खराब पड़ा था. लेकिन एक दूसरे सीसीटीवी कैमरे में दो मोटरसाइकिल पर चार लोग शनिवार और रविवार की देर रात संदिग्ध हालत में जाते हुए दिखाई दिए. पुलिस को वहां से 6 खाली खोखे भी मिले. अब सवाल ये था कि बॉर्डर के करीब जहां बीएसएफ की मौजूदगी भी है, वहां एक पुलिस पोस्ट में घुसकर दो पुलिसवालों की हत्या करने का जोखिम कौन लेगा?
संवेदनशील है पूरा इलाका
चूकि आदिया गांव पाकिस्तान से लगने वाली सरहद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. लिहाजा, ये पूरा इलाका शुरु से ही बेहद संवेदनशील रहा है. बॉर्डर के आसपास का पूरा इलाका बीएसएफ की जिम्मेदारी है. बॉर्डर के एक किलोमीटर अंदर इस पुलिस पोस्ट की जिम्मेदारी बीएसएफ और पंजाब पुलिस दोनों की है. इसीलिए इस पुलिस पोस्ट में पंजाब पुलिस के तीन जवानों के साथ साथ बीएसएफ के दो जवानों की भी तैनाती की जाती है. इस पुलिस पोस्ट से आगे का पूरा इलाका पंजाब पुलिस के तहत आता है.
ड्रग्स को लेकर 35 एनकाउंटर
आदिया का वो पूरा इलाका है, जहां पिछले ढाई महीने में पंजाब पुलिस ने 35 एनकाउंटर किए हैं. इनमें से लगभग सभी एनकाउंटर ड्रग्स को लेकर किए गए. हाल के वक्त में इस इलाके से ड्रग्स की बड़ी खेप भी पकड़ी गई. कहते हैं कि पाकिस्तान बॉर्डर से इस पार और उस पार ड्रग्स की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है.
तीन एंगल से मामले की जांच
पंजाब पुलिस के मुताबिक इन्ही चीजों को देखते हुए फिलहाल दो पुलिस वालों के इस कत्ल की तीन पहलुओं से जांच की जा रही है. पहला ड्रग्स का एंगल. दूसरा लोकल गैंग और तीसरा आतंकवाद. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर जो ड्रग्स पकड़ी गई क्या उस गैंग का हाथ इसके पीछे है? या जो एनकाउंटर किए गए उसको लेकर लोकल गैंग ने इस काम को अंजाम दिया?
TTP हिंदुस्तान ने ली मर्डर की जिम्मेदारी!
हालांकि, इसी बीच सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल बुर्क ब्रिगेड ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है. इतना ही नहीं एएसआई को गोली मारते हुए एक वीडियो भी जारी किया है. लेकिन पंजाब पुलिस और बीएसएफ की मानें तो ये बयान और वीडियो दोनों फेक हैं. सोशल मीडिया पर इसे डालकर कोई लोगों को गुमराह कर रहा है. पंजाब पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई संगठन पंजाब क्या? भारत में भी कहीं मौजूद नहीं है.
सीएम ने दिया बयान
डीआईजी बॉर्डर रेंज अमृतसर संदीप गोयल ने बाकायदा इस पर एक बयान भी जारी किया है. उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर सीधे सीधे जवाब देने के बजाय कहा है कि फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं. हालांकि दो दिन से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन पंजाब पुलिस के दो दो जवानों की मौत के सच से पंजाब पुलिस अब भी कोसों दूर है. फिलहाल उसे यही पता नहीं कि ये मामला ड्रग्स का है, लोकल गैंग का या सरहद पार के दुश्मनों का.
(गुरदासपुर के आदिया गांव से अमन भारद्वाज का इनपुट)
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