उत्तर प्रदेश के इटावा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून का पालन कराने वाला ही कानून तोड़ता नजर आया. नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में एक जीआरपी सिपाही ने अपनी सुविधा के लिए ट्रेन की चेन पुलिंग कर दी. बिना स्टॉपेज वाले स्टेशन पर ट्रेन रोकने की इस हरकत ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना देर रात की है, जब अचानक ट्रेन रुकने से अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद आरपीएफ जवान तुरंत हरकत में आए और आरोपी सिपाही को पकड़ लिया. अब इस मामले में सख्त एक्शन लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस (12562) इटावा रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी. इस ट्रेन का इटावा में कोई निर्धारित ठहराव नहीं है और यह अलीगढ़ से सीधे कानपुर जाती है. इसी ट्रेन में जीआरपी का एक सिपाही सफर कर रहा था, जो अलीगढ़ में तैनात बताया जा रहा है. उसका घर इटावा में है और वह घर पहुंचने की जल्दी में था. जैसे ही ट्रेन इटावा पहुंची, उसने नियमों को ताक पर रखते हुए चेन पुलिंग कर दी.
रात करीब 1 बजे अचानक नॉन-स्टॉप ट्रेन के रुकते ही ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवान सतर्क हो गए. ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि एम-1 कोच से एक वर्दीधारी व्यक्ति ने चेन पुलिंग की है. यात्रियों ने यह भी बताया कि वह व्यक्ति बैग लेकर माल गोदाम रोड की तरफ भाग रहा है. इसके बाद आरपीएफ के जवानों ने तुरंत पीछा शुरू किया और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की.
आरपीएफ के जवानों ने आरोपी का पीछा करते हुए उसे घेर लिया, लेकिन इस दौरान वह उलझ गया और रेलवे ट्रैक पर पड़े पत्थरों से हमला करने लगा. आरोपी की इस हरकत से मौके पर तनाव का माहौल बन गया. हालांकि जवानों ने संयम बरतते हुए उसे काबू में कर लिया. काफी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ शुरू की गई.
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अमजद खान निवासी नगला केशव, थाना सिविल लाइन इटावा बताया. उसने बताया कि वह अलीगढ़ जीआरपी में तैनात है और घर आने के लिए उसने यह कदम उठाया. जांच में यह भी सामने आया कि वह शराब के नशे में था. उसकी इस हरकत को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है और पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे एसएसपी आगरा मंडल अनिल कुमार ने तुरंत एक्शन लिया. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही इस पूरे मामले की जांच सीओ जीआरपी इटावा को सौंप दी गई है. फिलहाल आरोपी आरपीएफ की कस्टडी में है और उससे आगे की पूछताछ जारी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना में कोई और लापरवाही तो नहीं हुई.
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस व्यक्ति पर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उसी के द्वारा इस तरह नियम तोड़ना चिंताजनक है. अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी. फिलहाल रेलवे प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
अमित तिवारी