23 साल का साहिल एक सिंगल मदर का इकलौता बेटा था. वो अपनी मां के बुढ़ापे का सहारा और आखिरी उम्मीद था. मां बस कुछ दिनों बाद ही उसे पढ़ाई के लिए विदेश भेजने की तैयारी कर रही थी. मगर तभी एक तेज रफ्तार कार ने साहिल की जान लेने के साथ-साथ उसकी मां के तमाम सपनों को तोड़ दिया. बेबस और लाचार कानून बस सब देखता रहा. और इसी दौरान उस बदनसीब मां का एक वीडियो सामने आया, जिसने लोगों का कलेजा छीलकर रख दिया.
वो 12 सेकंड की रील है, जिसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया. गाड़ी में बैठ कर रील बनाने वाले भाई बहन की आंखों के सामने और दूसरी ओर से बस को ओवरटेक करने की कोशिश में स्कॉर्पियो से आमने-सामने टकराने वाले बाइक सवार नौजवान की आंखों के सामने. फिर इसके बाद अगर कुछ बाकी बचा, तो थे एक मां की आंखों से बेहिसाब बहते ये आंसू और सिस्टम से पूछे जाने वाले कुछ चुभते हुए वही पुराने सवाल.
ये कहानी है दिल्ली के वसंतकुंज की रहने वाली इना माकन की. वही इना माकन जिन्होंने दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी को हुए सड़क हादसे में अपने इकलौते जवान बेटे को खो दिया. उनका 23 साल का बेटा साहिल धनेश्रा एक रेसिंग बाइक पर था और एक बस को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था. जाहिर है बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, लेकिन तभी उसकी बाइक दूसरी ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो-एन से आमने-सामने टकरा गई और साहिल इस जोरदार टक्कर से उछल कर दूर पथरीली जमीन पर जा गिरा. उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
लेकिन ये तो इस हादसे का सिर्फ एक पहलू है. इसके आगे हुआ ये कि तेज रफ्तार की बाइक से हुई टक्कर के बाद स्कॉर्पियो-एन के एयरबैग्स खुल गए और ये गाड़ी सड़क किनारे खड़ी एक मारुति डिजायर टैक्सी से जा टकराई और इस टक्कर से टैक्सी सामने वाली दीवार से जा भिड़ी. नतीजा ये हुआ टैक्सी भारी-भरकम स्कॉर्पियो और कंक्रीट की दीवार के बीच बुरी तरह से सैंडविच बन गई और टैक्सी में बैठा ड्राइवर लहूलुहान हो गया, वो तो लोगों ने किसी तरह खींच कर टैक्सी ड्राइवर को गाड़ी से बाहर निकाला और उसे अस्पताल पहुंचाया. लोगों ने पुलिस की मदद से बाइक सवार साहिल को भी अस्पताल भिजवाया था, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी. ये और बात है कि स्कॉर्पियो में बैठकर रील बनाने वाली भाई बहन की जोड़ी गाड़ी का एयरबैग खुलने की वजह से बाल-बाल बच गई.
इस देश में हर रोज नमालूम कितने ही सड़क हादसों में ऐसे हज़ारों लोग जान गंवा बैठते हैं, मगर अक्सर हम-सब दूसरों की ऐसी तकलीफों से अपनी आंखें फेर लेते हैं. इस सड़क हादसे के बाद भी शायद ऐसा ही कुछ होता, लेकिन तब तक इस हादसे के जिम्मेदार स्कॉर्पियो चला रहे नाबालिग को कोर्ट से जमानत मिल गई और उधर हादसे में मारे गए साहिल की मां का दर्द फूट पड़ा. उन्होंने सोशल मीडिया पर रोते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया और इंसाफ की मांग करने लगीं और देखते ही देखते ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में उन्होंने मीडिया के साथ-साथ आम लोगों से फरियाद लगाई कि वो इंसाफ की इस लड़ाई में उनका साथ दें, क्योंकि उनकी बेटे की मौत एक नाबालिग रईसजादे के हाथों हुई, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था और बीच सड़क हवा से बातें करती स्कॉर्पियो से रील बना रहा था.
इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग एकाएक इस सड़क हादसे की चर्चा करने लगे और फिर शुरू हो गया अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग पक्ष को गुनहगार और बेगुनाह ठहराने का सिलसिला. लेकिन इस हादसे को लेकर शुरुआती छानबीन में ही जो सच्चाई सामने आई, उसने ये साफ कर दिया कि शायद लापरवाही दोनों तरफ से हुई. सबसे बड़ी लापरवाही तो स्कॉर्पियो चला रहे नाबालिग लड़के और उसके अभिभावकों से हुई, जिन्होंने स्कूल जाने वाले अपने बच्चे को, जिसके पास एक अदद लाइसेंस तक नहीं है, उसे इतनी बड़ी गाड़ी सौंप दी. और वो नाबालिग रील के चक्कर में गाड़ी लेकर हवा से बातें करने लगा. इस तेज रफ्तार एक्सिडेंट के बाद की तस्वीरें स्कॉर्पियो की टक्कर से बुरी तरह पिचकी टैक्सी की हालत और उससे हुई एक नौजवान की मौत एक्सिडेंट की ये हकीकत बयान करने के लिए काफी है.
उधर, दूसरी तरफ जब हमारी बात स्कॉर्पियो चला रहे नाबालिग के बड़े भाई से हुई, तो उसने अपने बचाव में क्या कुछ कहा, आपको वो भी सुनना चाहिए. बड़े भाई ने स्वीकार किया गाड़ी चला रहे उसके नाबालिग भाई के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है, मगर उसने कहा कि स्कॉर्पियो की रफ्तार उतनी तेज भी नहीं थी, जितना कि बताया जा रहा है.
लेकिन गुनहगार और बेगुनाह तय करने की इस जद्दोजहद से अलग हादसे में मारे गए नौजवान की मां का अपना अलग ही दर्द है. उनकी सबसे बड़ी शिकायत तो उस सिस्टम से ही है, जिस सिस्टम के चलते उनके बेटे की मौत का जिम्मेदार नाबालिग महज 7 दिन के फासले पर बड़े आराम से जमानत पर छूट जाता है और हादसे के लिए बराबर के जिम्मेदार उसके घर वालों के खिलाफ भी कोई असरदार कार्रवाई नहीं होती.
इना एक सिंगल मदर हैं. उन्होंने बचपन से ही अपने इकलौते बेटे को ना सिर्फ बड़े नाजों से पाला, बल्कि उसे लेकर बड़े सपने संजोए. वो बेटे साहिल को कुछ दिनों के बाद विदेश भेजना चाहती थी, लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था. इन्ना सवाल पूछती है कि अगर सड़क हादसे में किसी की जान लेने के बाद कानून इतनी आसानी से किसी को जाने देता है, तो ऐसा कानून बनाया ही क्यों?
फिलहाल, इस हादसे के बाद इना अब बिल्कुल अकेली रह गई हैं. उधर, हादसे का जिम्मेदार लड़का रिमांड होम से छूट कर अपना इम्तेहान देने में लगा है. कल को सड़क हादसे में जख्मी हुआ टैक्सी ड्राइवर भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लौट चुका होगा, लेकिन अगर किसी की जिंदगी में सबकुछ खाली-खाली हो कर गया, तो वो वही अभागी मां है- इना माकन.
(दिल्ली से श्रेया चटर्जी के साथ अंशुल सिंह का इनपुट)
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