बेंगलुरु में DRDO की लैब बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट पर एजेंसियां

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद अलर्ट मोड में आई एजेंसियों ने दफ्तर खाली कराकर तलाशी ली. पुलिस ने कहा है कि धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है.

Advertisement
बम निरोधक दस्ते ने ली सघन तलाशी (Photo: ITG) बम निरोधक दस्ते ने ली सघन तलाशी (Photo: ITG)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

बेंगलुरु में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) से जुड़े दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. डीआरडीओ से जुड़े गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (जीटीआरई) को मिले धमकी भरे ई-मेल में साइनाइड गैस वाले 13 आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था. धमकी भरे ई-मेल के बाद अलर्ट मोड में आई एजेंसियों ने परिसर को खाली कराकर गहन तलाशी अभियान चलाया.

Advertisement

तलाशी अभियान में परिसर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक इस ई-मेल में यह धमकी दी गई थी कि घंटेभर के भीतर ही ब्लास्ट हो सकता है. ई-मेल करने वाले ने बम ब्लास्ट का समय 1 बजकर 10 मिनट बताया था. ई-मेल की नियमित स्कैनिंग के दौरान जीटीआरई के अधिकारियों की नजर इस धमकी वाले ई-मेल पर पड़ी.

इस ई-मेल में उदयनिधि स्टालिन के बेटे इनबनिधि के लिए भी धमकी थी. इनबनिधि, सीएम एमके स्टालिन के पोते हैं. तमिल में लिखे इस ईमेल की भाषा बहुत ही आपत्तिजनक और डराने वाली थी. ई-मेल में कथित राजनीतिक और धार्मिक कारणों का भी जिक्र था. ई-मेल भेजने वाले ने खुद को 'ऑर्डर ऑफ एंजल्स (09ए)' नाम के एक ग्रुप से जुड़ा बताया था.

यह भी पढ़ें: DU के दो कॉलेजों में बम की धमकी, मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता

Advertisement

धमकी भरा ई-मेल पढ़ने के बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. बम धमाके के लिए बताया गया समय भी कम था, ऐसे में अधिकारियों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दी. सूचना मिलते ही बयप्पनहल्ली थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंच गई. पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने परिसर को खाली कराकर गहन जांच की.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र विधान भवन को मिली बम की धमकी, बजट सत्र के बीच खाली कराई गई बिल्डिंग

हालांकि, पसिरस में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग दिन एक ही ई-मेल आईडी से आठ धमकी भरे ई-मेल भेजे गए हैं. सभी मेल की भाषा एक जैसी ही है. इन सभी में केवल तारीख और समय बदल जाते हैं, बाकी सब कॉपी-पेस्ट है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जांच एजेंसियां बार-बार भेजे गए धमकी भरे ई-मेल के मकसद की पड़ताल कर रही हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement