पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से लगातार सियासी हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं. राज्य के कई इलाकों में राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प, तोड़फोड़ और तनाव की खबरें मिल रही हैं. इसी बीच पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि हिंसा और उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. हालात को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं. कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. राज्य सरकार भी कानून व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रही है.
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि पिछले 48 घंटों में पूरे राज्य में 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा करीब 1100 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके. पुलिस का कहना है कि लगातार छापेमारी और निगरानी की जा रही है. जिन इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहां सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है.
डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों को भी फील्ड में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल हिंसा को पूरी तरह नियंत्रित करने पर है. राज्यभर में अब तक 200 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस ने अब तक 433 लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार भी किया है. इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों को रोकथाम संबंधी कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया है.
पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. हिंसा फैलाने, आगजनी करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है. कई जगहों पर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप की मदद से आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है.
राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है विपक्षी दलों का आरोप है कि बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.
वहीं राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और किसी भी उपद्रव को सख्ती से दबाया जाएगा. पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद कई इलाकों में स्थिति सामान्य होने लगी है, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. आने वाले दिनों में भी पुलिस का विशेष अभियान जारी रहने की संभावना जताई जा रही है.
अनुपम मिश्रा