पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने माहौल को गर्म कर दिया है. कैनिंग इलाके के नारायणपुर में बुधवार सुबह जमकर बवाल हुआ, जहां तोड़फोड़, हमले और पुलिस पर भी हिंसा के आरोप लगे हैं. इस घटना ने इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है.
यह पूरा मामला साउथ 24 परगना के कैनिंग वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के नारायणपुर ग्राम पंचायत के माखलतला इलाके का है. बुधवार सुबह अचानक हालात बिगड़ गए और इलाके में तनाव फैल गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजनीतिक बदलाव के बाद यहां माहौल पहले से ही गरम था. इसी बीच पूर्व तृणमूल नेता रहीमा लस्कर उर्फ बेबी का नाम इस पूरे मामले में सामने आया है. उन पर हिंसा और तोड़फोड़ कराने के गंभीर आरोप लगे हैं. घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि राज्य में बदले राजनीतिक हालात के बीच बेबी ने अचानक पाला बदल लिया और बीजेपी में शामिल हो गईं. आरोप है कि पार्टी बदलने के तुरंत बाद वह अपने समर्थकों के साथ बीजेपी के झंडे लेकर इलाके में पहुंचीं. इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत पर कब्जा जमाने की कोशिश की और इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए डर का माहौल पैदा किया. इस घटनाक्रम ने दोनों राजनीतिक गुटों के बीच तनाव को और भड़का दिया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेबी के नेतृत्व में एक समूह ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया. इस दौरान जमकर तोड़फोड़ की गई और कई घरों को नुकसान पहुंचाया गया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा. लेकिन आरोप है कि जब पुलिस स्थिति संभालने पहुंची, तो उस पर भी हमला कर दिया गया. कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट हुई और पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई.
घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय बलों के साथ मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन और छापेमारी शुरू कर दी. अब तक इस मामले में कम से कम 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनमें मुख्य आरोपी रहीमा लस्कर उर्फ बेबी भी शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले ही नारायणपुर ग्राम पंचायत के प्रधान सलाउद्दीन सरदार के कार्यालय से बड़ी संख्या में धारदार हथियार बरामद किए गए थे. स्थानीय लोगों का दावा है कि सलाउद्दीन और बेबी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. ऐसे में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि राज्य में बदलते राजनीतिक माहौल का फायदा उठाकर बेबी के गुट ने सलाउद्दीन और उनके समर्थकों को निशाना बनाया.
फिलहाल, इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और कड़ी निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि हिंसा को आगे बढ़ने से रोका जा सके. स्थानीय लोगों में भी डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.
(प्रसन्नजीत का इनपुट)
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