पहले प्यार, मंदिर में शादी और फिर हैवानियत... केस दर्ज होने के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं

उत्तराखंड के काशीपुर में पुलिसकर्मी अरुण कुमार पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने का संगीन आरोप लगा है. पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज तो कर लिया गया, लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़िता इंसाफ मांग रही है. जानिए पूरा मामला.

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पीड़िता आरोपी पुलिसवाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है (फोटो-ITG) पीड़िता आरोपी पुलिसवाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है (फोटो-ITG)

रमेश चन्द्रा

  • ऊधम सिंह नगर,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में एक बार फिर पुलिस विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली वर्दी पर ही रेप, धोखा और मारपीट जैसे संगीन आरोप लगे हैं. मामला काशीपुर का है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय की एक महिला ने पुलिसकर्मी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर देकर इंसाफ की मांग की है. हालांकि पुलिस पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का इल्जाम लगा रहा है. पीड़िता इंसाफ के लिए बार-बार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रही है. मीडिया के सवालों पर अधिकारियों का गोलमोल जवाब भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

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लव, सेक्स और धोखा!
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पुलिसकर्मी अरुण कुमार वर्तमान में भवाली, जिला नैनीताल में तैनात है. वह मूल रूप से बरखेड़ा, काशीपुर का रहने वाला है. अल्पसंख्यक समुदाय की पीड़ित महिला का कहना है कि अरुण कुमार ने पहले उसे प्रेम जाल में फंसाया और फिर मंदिर में जाकर शादी करने का भरोसा दिलाया. इसके बाद वह लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा. जब महिला ने रिश्ते को कानूनी मान्यता देने की बात कही तो आरोपी ने मुकरना शुरू कर दिया. महिला ने जब विरोध किया तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई. साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई.

पीड़िता के साथ मारपीट और रेप
पीड़िता के अनुसार 8 फरवरी 2026 की शाम करीब 6:30 बजे आरोपी जबरदस्ती उसके घर में घुस आया. उसने महिला के साथ अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा. आरोप है कि आरोपी ने महिला के बाल पकड़कर उसे घसीटा और जबरन दुष्कर्म किया. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की तस्वीरें दिखाई देती हैं. महिला ने 10 फरवरी 2026 को इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी. उसने डायल 112 पर सूचना देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे धमकाया और चुप रहने का दबाव बनाया.

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जान से मारने की धमकी
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उस पर पहले दर्ज मुकदमों को वापस लेने का दबाव बनाया. दोनों पिछले सात महीनों से एक-दूसरे को जानते थे. महिला का आरोप है कि मंदिर में शादी के बाद आरोपी ने उसे पत्नी का दर्जा देने से इंकार कर दिया. जब महिला ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के तहत विवाह पंजीकरण की मांग की तो आरोपी भड़क गया. उसने मारपीट की और रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से मना कर दिया. महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी ने जबरन उसका गर्भपात कराया. यह मामला अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है.

आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज है मुकदमा
पीड़िता के मुताबिक साल 2025 में भी उसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. उस मामले में आरोपी ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ले ली थी. इससे पहले 6 जनवरी 2026 को नैनीताल के एक निजी होटल में भी मारपीट की घटना सामने आई थी. उस घटना की भी शिकायत दर्ज कराई गई थी. बावजूद इसके आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई. अब काशीपुर कोतवाली में नया मुकदमा दर्ज हुआ है, लेकिन गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है.

जबरन संबंध बनाने का आरोप
महिला का कहना है कि आरोपी उसके फ्लैट में जबरन घुसा और मुकदमा वापस लेने की धमकी दी. विरोध करने पर उसने मारपीट की और जबरन शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता के मुताबिक आरोपी का रवैया लगातार हिंसक होता जा रहा था. वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा. महिला ने कई बार स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन उसे राहत नहीं मिली. इससे उसके मन में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती गई.

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धमका रहा है आरोपी का परिवार
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी के परिवार के लोग भी उसे धमका रहे हैं. खास तौर पर अरुण कुमार के पिता पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. महिला का कहना है कि कुछ दिन पहले फिर से उसके साथ मारपीट की गई और जबरन संबंध बनाए गए. उसने इसकी तहरीर स्थानीय कोतवाली में दी. कई बार थाने के चक्कर लगाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ. लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी अब भी नहीं हुई है.

पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. पीड़िता का आरोप है कि उसे इंसाफ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. जब मीडिया ने अधिकारियों से सवाल किए तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया. फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है. लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीड़िता और उसके परिवार में नाराजगी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच कितनी निष्पक्ष और तेज़ी से आगे बढ़ती है. क्योंकि आरोपी खुद एक पुलिसवाला है.

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