उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट की जांच कर रही एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने छांगुर बाबा के खास सहयोगी इधु इस्लाम को शनिवार तड़के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस के साथ महाराष्ट्र और यूपी आतंकवाद निरोधक दस्तों की संयुक्त टीम ने अंजाम दी है. इधु इस्लाम धर्मांतरण नेटवर्क में फंड और लॉजिस्टिक्स मैनेज करने में अहम भूमिका निभाता था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इधु इस्लाम यूपी में दर्ज गंभीर मामलों में वांछित था. उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित था. खुफिया सूचना के आधार पर सुबह करीब 5 बजे नागपुर के पचपावली थाना क्षेत्र के आशी नगर में ऑपरेशन चलाया गया. किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए यह कार्रवाई बेहद सावधानी से की गई.
नागपुर के आशी नगर की एक संकरी गली में पुलिस की टीम ने बिना किसी विरोध के आरोपी को हिरासत में ले लिया. इधु इस्लाम पिछले कई वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था. उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी और हालिया इनपुट मिलने के बाद उसे पकड़ने में सफलता मिली. जांच एजेंसियों का कहना है कि छंगुर बाबा के नागपुर में पहले से मजबूत संपर्क थे.
उसने बाद धर्मांतरण और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क खड़ा किया. पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को निशाना बनाया गया. आरोप है कि गरीब मजदूरों, विधवाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को आर्थिक प्रलोभन देकर या शादी के झांसे में लेकर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया.
छांगुर बाबा को पिछले साल 5 जुलाई को यूपी के बलरामपुर जिले के माधपुर गांव से गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में लखनऊ के गोमतीनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 121A, 153A, 417, 420 और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज है. प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी जांच कर रहा है.
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