राजस्थान के जोधपुर के सूरसागर थाना क्षेत्र में डबल सुसाइड की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. यहां के मणाई गांव में शनिवार को शादी की खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया. दो सगी बहनों ने शादी के कुछ घंटे पहले ही जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी. मृतक बहनों की पहचान शोभा और विमला के रूप में हुई थी. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, घर में शादी की रस्में जोर-शोर से चल रही थीं. शुक्रवार देर रात तक 'बंदोली' का आयोजन हुआ, जिसमें परिवार और रिश्तेदार नाच-गा रहे थे. रात करीब 1 बजे दोनों बहनें अपने कमरे में सोने चली गईं. लेकिन सुबह करीब 4 बजे अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी. आनन-फानन में परिजन उन्हें लेकर जोधपुर के अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
मौत के बाद परिजन दोनों बहनों के शवों को लेकर वापस घर चले गए. पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. सुबह करीब 5 बजे मृतकों की छोटी बहन ने अपने मामा जसवंत सिंह को फोन पर इस अनहोनी की जानकारी दी. मामा ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी. सुबह 6 बजे पुलिस मणाई गांव पहुंची, तो वहां दाह संस्कार की तैयारी हो चुकी थी.
जसवंत सिंह का आरोप है कि दोनों बहनों के शरीर नीले पड़ चुके थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और महात्मा गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. इस घटना के पीछे एक गहरा पारिवारिक विवाद सामने आ रहा है. मृतका के मामा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके जीजा दीप सिंह के भाइयों ने सगाई को लेकर काफी दबाव बनाया था.
पहले दोनों बहनों की सगाई भीनमाल के पुनासा में तय हुई थी, लेकिन बाद में वह टूट गई. इसके बाद पोकरण के जेमला गांव में सगाई कर दी गई. जसवंत सिंह का दावा है कि उन्हें अपनी बहन से भी मिलने नहीं दिया जाता था. चार दिन पहले ही बहन-जीजा कार्ड देने आए थे. मामा ने सीधे तौर पर दीप सिंह के छोटे भाई पर दोनों भांजियों को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.
दोनों बहनें प्राइवेट स्कूल में टीचर थीं. वो चार बहने थीं, जिनमें से एक की शादी पहले ही हो चुकी थी. एडीसीपी पश्चिम रोशन मीणा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा. फिलहाल पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि आखिर किस दबाव में आकर दो युवतियों ने इतना खौफनाक कदम उठाया.
अशोक शर्मा