हरियाणा का मोस्टवांटेड और करोड़पति गैंगस्टर राव इंद्रजीत आखिरकार दुबई में कानून के शिकंजे में आ गया. दुबई पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर भारतीय एजेंसियों को इसकी जानकारी दे दी है. अब हरियाणा STF उसकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी कर उसे जल्द भारत लाने की तैयारी में जुटी है. यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
दुबई में गैंगस्टर राव इंद्रजीत की गिरफ्तारी ने हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को बड़ी राहत दी है. लंबे समय से विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा यह आरोपी अब कानून के शिकंजे में है. दुबई पुलिस ने उसकी हिरासत की जानकारी भारतीय एजेंसियों को दे दी है. इसके बाद से हरियाणा STF लगातार प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करने में लगी हुई है. बताया जा रहा है कि हालात सामान्य होते ही उसे भारत लाया जाएगा.
राव इंद्रजीत कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति वाला गैंगस्टर है, जो खुद को सोशल मीडिया पर प्रभावशाली दिखाने के लिए बॉलीवुड सितारों और राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरें पोस्ट करता था. उसकी इस छवि के पीछे एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा था. वह अपने रसूख और पैसे के दम पर लोगों पर दबाव बनाता था. इसी वजह से कई कारोबारी और बिल्डर उसके निशाने पर रहते थे. उसकी गिरफ्तारी से ऐसे लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है.
राव इंद्रजीत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी केस दर्ज किया हुआ है. जांच एजेंसी ने उसकी कई संपत्तियों को अटैच कर रखा है. बताया जाता है कि उसने अवैध कमाई से बड़ी संपत्ति खड़ी की थी. उसकी वित्तीय गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी. यही नहीं, उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच चल रही थी. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इन मामलों में और तेजी आने की संभावना है.
गैंगस्टर राव इंद्रजीत के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न थानों में 19 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और अवैध वसूली जैसे संगीन अपराध शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह संगठित अपराध का बड़ा चेहरा बन चुका था. उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था. यही वजह थी कि उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी.
राव इंद्रजीत का सफर बेहद चौंकाने वाला रहा है. शुरुआत में वह एक फाइनेंसर के रूप में काम करता था और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ था. 'जेम म्यूजिक' का मालिक होने के नाते उसने अपनी पहचान बनाई थी. लेकिन धीरे-धीरे वह विवादों में घिरता चला गया. कारोबार के झगड़ों को सुलझाने के लिए उसने गैंगस्टरों का सहारा लेना शुरू किया. यही रास्ता उसे अपराध की दुनिया में ले गया.
बताया जाता है कि फाइनेंसर से गैंगस्टर बनने के बाद उसने जबरन वसूली और हिंसक अपराधों का रास्ता अपना लिया. वह बड़े स्तर पर एक्सटॉर्शन रैकेट का हिस्सा बन गया था. व्यापारियों और बिल्डरों से करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप उस पर लगे हैं. इसके अलावा हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में भी उसका नाम सामने आया. उसकी गतिविधियों ने उसे हरियाणा का मोस्टवांटेड अपराधी बना दिया था.
हरियाणा STF लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी. वह विदेश में रहकर अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था. लेकिन STF ने उसके डिजिटल फुटप्रिंट और वित्तीय लेन-देन पर लगातार नजर रखी. आखिरकार दुबई में उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली गई. इसके बाद भारत सरकार के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया गया और यह कार्रवाई संभव हो सकी.
राव इंद्रजीत का भारत प्रत्यर्पण हरियाणा में संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है. उसके भारत आने के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, खासकर म्यूजिक इंडस्ट्री और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर. साथ ही, उसका नाम कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और हिमांशु भाऊ के साथ वायरल ऑडियो में भी सामने आ चुका है. ऐसे में जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में अहम सफलता मिल सकती है.
नीरज वशिष्ठ / अरविंद ओझा