'निदा खान HR मैनेजर नहीं', नासिक कांड में TCS का खुलासा, जांच के लिए बनाई हाई लेवल कमेटी

नासिक कांड में TCS का बड़ा बयान सामने आया है. कंपनी की तरफ से कहा गया है कि निदा खान नासिक यूनिट में HR मैनेजर नहीं थी. निदा पर महिला कर्मचारियों पर दबाव देकर जबरन यौन शोषण कराने और धर्मांतरण का सनसनीखेज आरोप है.

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टीसीएस के नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप के बीच कंपनी ने सफाई दी है. (File Photo: ITG) टीसीएस के नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप के बीच कंपनी ने सफाई दी है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:49 PM IST

नासिक धर्मांतरण केस में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने बड़ा कदम उठाया है. कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले की जांच के लिए बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करते हुए आंतरिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके साथ ही TCS की तरफ से कहा गया है कि निदा खान उसकी नासिक यूनिट में HR मैनेजर नहीं थी.

TCS के MD के. कृतिवासन ने एक बयान में बताया कि इस मामले की जांच प्रेसिडेंट और COO आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में चल रही है. इसके लिए 'डेलॉयट' और प्रमुख लॉ फर्म ट्राइलीगल की विशेषज्ञ टीमों को जोड़ा गया है. कंपनी ने एक निगरानी समिति का भी गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता केकी एम. मिस्त्री कर रहे हैं. 

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आंतरिक जांच की रिपोर्ट इसी समिति के सामने रखे जाएंगे, जिसे सुझाव पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस मामले में सामने आ रही रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कृतिवासन ने कहा कि निदा खान न तो HR मैनेजर थी और न ही कंपनी की नासिक यूनिट में लोगों की भर्ती करती थी. उसने प्रोसेस एसोसिएट का काम किया था.

कंपनी का कहना है कि निदा खान के पास कोई नेतृत्व की भूमिका नहीं थी. कृतिवासन ने कहा, ''हमारी नासिक यूनिट लगातार काम कर रही है और ग्राहकों को सेवाएं दे रही है. यूनिट के बंद होने की खबरें पूरी तरह गलत हैं.'' आरोपों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शुरुआती समीक्षा में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है.

कृतिवासन के मुताबिक, कंपनी के एथिक्स या POSH चैनलों के जरिए ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच अभी जारी है. कंपनी कर्मचारियों की भलाई और संस्थागत आचरण के उच्चतम मानकों का पालन करती है. यहां किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के प्रति जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है.

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उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी हर कर्मचारी की सुरक्षा, गरिमा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है. इस मामले की जांच कर रही एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है. कंपनी चाहती है कि जांच पारदर्शी हो और मामला सही निष्कर्ष तक पहुंचे. इस महीने की शुरुआत में नासिक में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप सामने आए थे. 

इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं. जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. पुलिस ने अब तक आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है. निदा खान मुख्य आरोपी के रूप में सामने आई है. वो इस मामले के खुलासे के बाद से लगातार फरार चल रही है. 

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