1500 फर्जी बम के धमकीभरे ईमेल, देशभर के हाई कोर्ट निशाने पर! बेंगलुरु से पकड़ा गया शातिर धमकीबाज़

मैसूरु के एक शख्स ने देशभर के हाई कोर्ट्स को 1500 से ज्यादा बम की धमकी के फर्जी ईमेल भेजे थे. अकेले दिल्ली हाई कोर्ट को 50 से ज्यादा धमकीभरे ईमेल भेजे गए. लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने शातिर आरोपी श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार कर लिया है. जानें इस शातिर के पकड़े जाने के पूरी कहानी.

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दिल्ली पुलिस ने आरोपी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया (फोटो-ITG) दिल्ली पुलिस ने आरोपी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया (फोटो-ITG)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

देशभर की अदालतों को हिला देने वाली बम की फर्जी धमकियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस ने मैसूरु के रहने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने 1500 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजकर सुरक्षा एजेंसियों की नाक में दम कर रखा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का मकसद सिर्फ डर फैलाना ही नहीं, बल्कि कोर्ट की कार्यवाही को बाधित करना भी था. आरोपी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है और अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है.

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गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है. वह कभी लॉ की पढ़ाई कर रहा था लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया था. पुलिस के मुताबिक, लुइस को कोर्ट की कार्यवाही रोकने और अफरा-तफरी मचाने में अजीब तरह का संतोष मिलता था. इसी वजह से उसने देशभर के अलग-अलग हाई कोर्ट्स को निशाना बनाकर फर्जी बम धमकी वाले ईमेल भेजने शुरू किए.

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने करीब 1500 से ज्यादा ईमेल भेजे, जिनमें दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के हाई कोर्ट शामिल थे. खास बात यह है कि उसने सिर्फ दिल्ली हाई कोर्ट को ही 50 से ज्यादा धमकी भरे मेल भेजे थे. इन ईमेल्स के कारण कई बार अदालतों की कार्यवाही प्रभावित हुई और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट पर आना पड़ा.

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पुलिस के मुताबिक, लुइस एक दिन में कई-कई ईमेल भेजता था और कई बार संबंधित राज्य के पुलिस प्रमुखों को भी इन्हें फॉरवर्ड करता था. उसका मकसद ज्यादा से ज्यादा दहशत फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना था. इस वजह से कई बार कोर्ट परिसर को खाली कराना पड़ा और जांच एजेंसियों को घंटों तक तलाशी अभियान चलाना पड़ा.

जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने एक फर्जी Yahoo ईमेल आईडी बनाई थी और अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN का इस्तेमाल करता था. वह ईमेल में बम प्लांट होने, विस्फोट की धमकी, इमारत खाली कराने और बड़े आतंकी हमले जैसी झूठी जानकारी लिखता था. इससे सुरक्षा एजेंसियों को हर बार गंभीर खतरे की आशंका के चलते कार्रवाई करनी पड़ती थी.

पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऐसा करता था, लेकिन पुलिस उसके इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे आम लोगों में डर और अफरा-तफरी भी फैलती है. फिलहाल पुलिस उसके असली मकसद और नेटवर्क की जांच कर रही है.

दिल्ली पुलिस ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है. पुलिस टीम उसे बेंगलुरु लेकर गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह ईमेल कहां से और किन माध्यमों से भेजता था. इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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