मुंबई में अवैध रूप से रह रहीं युगांडा की 2 महिलाएं हिरासत में, डिपोर्टेशन की तैयारी

मुंबई के वाकोला में पुलिस और ATC ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान दो विदेशी महिलाओं को पकड़ा है. इसके बाद युगांडा की रहने वाली उन दोनों महिलाएं को हिरासत में ले लिया गया. दोनों बिना वैध वीजा के कालिना इलाके में रह रही थीं, अब उनके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है. जानें क्या है पूरा मामला?

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पुलिस और ATS ने दोनों महिलाओं से लंबी पूछताछ की (फोटो-ITG) पुलिस और ATS ने दोनों महिलाओं से लंबी पूछताछ की (फोटो-ITG)

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

मुंबई के वाकोला इलाके में पुलिस और एंटी-टेररिज्म सेल (ATC) की संयुक्त कार्रवाई में दो विदेशी महिलाओं को हिरासत में लिया गया है. ये दोनों महिलाएं युगांडा की नागरिक हैं और लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रही थीं. पुलिस को इनकी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद एक टारगेटेड छापेमारी की गई, जिसमें दोनों को पकड़ लिया गया. अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी चल रही है.

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मुंबई पुलिस और एंटी-टेररिज्म सेल (ATC) ने वाकोला इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस कार्रवाई के दौरान दो युगांडा की महिलाओं को हिरासत में लिया गया. पकड़ी गई महिलाओं की पहचान नकायोंडो रोज (37) और केमिगिसा प्रोसकोविया (26) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, इन दोनों महिलाओं पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी. इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का फैसला लिया. इसके बाद एक विशेष टीम बनाकर छापेमारी की योजना तैयार की गई.

जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के कालिना इलाके में रह रही थीं. हालांकि, उनके पास भारत में रहने के लिए जरूरी वैध वीजा या दस्तावेज नहीं थे. पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि वे तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी देश में रह रही हैं. इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने टारगेटेड रेड की तैयारी की. अधिकारियों ने पूरी योजना के साथ छापा मारा और दोनों को मौके से हिरासत में ले लिया.

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छापेमारी के दौरान जब दोनों महिलाओं से पूछताछ की गई तो कई अहम बातें सामने आईं. उन्होंने स्वीकार किया कि उनका वीजा काफी पहले ही खत्म हो चुका था. इसके बावजूद वे भारत में ही रह रही थीं. पुलिस के अनुसार, यह विदेशी नागरिक अधिनियम का उल्लंघन है. इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों महिलाओं के खिलाफ अब डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए संबंधित सरकारी विभागों और युगांडा दूतावास से संपर्क किया जा रहा है. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वे यहां किन गतिविधियों में शामिल थीं और किस तरह से इतने समय तक बिना दस्तावेजों के रह रही थीं.

इस कार्रवाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर लगातार नजर रखी जा रही है. ऐसे मामलों में खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जाती है. पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में भी इस तरह की जांच और अभियान जारी रहेंगे. ताकि देश की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

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