कुंवारे लड़के, शादीशुदा महिलाएं और फर्जी शादी... लुटेरी दुल्हन के बड़े गिरोह का ऐसे हुआ पर्दाफाश

संभल में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा है, जो कुंवारे युवकों को शादी का झांसा देकर लूट लिया करता था. यह गैंग पश्चिम बंगाल से महिलाओं को लाकर उनके फर्जी आधार कार्ड बनवाता और फिर मोटी रकम लेकर उनकी शादी करवा देता था. शादी के महज कुछ ही दिनों बाद ये दुल्हनें जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थीं.

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संभल में शादी के नाम पर बड़ा खेल, बंगाल की महिलाओं के साथ बदायूं का मास्टरमाइंड पकड़ा गया. (Photo: ITG) संभल में शादी के नाम पर बड़ा खेल, बंगाल की महिलाओं के साथ बदायूं का मास्टरमाइंड पकड़ा गया. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • संभल,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:27 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस ने एक बड़े मैरिज रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह शादियों के नाम पर ठगी का ऐसा जाल बुनता था कि अच्छे-भले लोग इसका शिकार हो जाते थे. पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि ये लोग पश्चिम बंगाल से महिलाओं को लाते थे. उनकी नकली पहचान बनवाकर दूल्हों को अपना शिकार बनाते थे.

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संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस खौफनाक खेल का खुलासा करते हुए बताया कि चंदौसी पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नूरजहां खातून उर्फ काजल और आयशा खातून उर्फ पूजा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. इनके साथ बदायूं जिले का रहने वाला राजीव भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो रैकेट का मुख्य हिस्सा है.

पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था. सबसे पहले गांवों में उन कुंवारे लड़कों की तलाश की जाती थी जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी. राजीव और नूरजहां उनसे संपर्क करते. 50 हजार से 75 हजार रुपए के बदले शादी का ऑफर देते. सौदा तय होते ही बंगाल से लाई गई महिलाओं के हिंदू नामों वाले फर्जी आधार कार्ड बनाए जाते थे.

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इसके बाद मंदिर में शादी करा दी जाती थी. लेकिन असली खेल शादी के 5-6 दिनों बाद शुरू होता था, जब ये दुल्हनें मौका पाकर घर में रखे जेवर और कैश समेट कर चंपत हो जाती थीं. इस रैकेट की पोल तब खुली जब पतरौआ गांव के लोगों को आयशा (जो पूजा बनकर रह रही थी) की हरकतों पर शक हुआ. गांववालों ने देखा कि वह कीमती सामान लेकर भागने की फिराक में है.

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने जब आयशा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने इस काले कारोबार की पोल खोल दी. उसने कबूल किया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं जो बंगाल में रहते हैं. पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि यह गिरोह अब तक संभल और मुरादाबाद जिलों में कम से कम चार ऐसी फर्जी शादियां करवा चुका है. 

इतना ही नहीं गिरोह की सदस्य नूरजहां ने तो राजीव से निकाह करने से पहले कागजों पर अपना धर्म और नाम तक बदल लिया था ताकि किसी को शक न हो. फिलहाल, तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कितने चेहरे शामिल हैं. पिछले कई वर्षों से पश्चिम उत्तर प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों का आतंक देखने को मिला है.

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