दिल्ली में साल 2013 में हुए एक हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहा एक शख्स फरलो पर निकलने के बाद फरार हो गया था. वो पांच साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा.
उसको आखिरकार दिल्ली पुलिस ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान 45 वर्षीय रॉबिन तमांग उर्फ जोजो के रूप में हुई है. वो 2021 से फरार चल रहा था. उसे 3 सितंबर 2021 को मंडोली जेल से तीन हफ्ते की फरलो पर रिहा किया गया था.
यह अवधि समय-समय पर बढ़ाई गई, लेकिन बाद उसने सरेंडर नहीं किया. फरार हो गया.
उसको अपने दोस्त नीरज की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. इस घटना के दिन वो एक जान-पहचान वाली महिला के घर पहुंचा था. उसने नीरज को बाहर बुलाया. महिला के साथ संबंधों को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ.
दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि तमांग ने नीरज के सीने में कई बार चाकू घोंप दिया.
इस वजह से नीरज की मौत हो गई. वारदात के बाद वो मौके से फरार हो गया था, लेकिन बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में केस चलने के बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई. इसी बीच वो फरलो पर जेल से बाहर आया.
लेकिन फरलो की अवधि समाप्त होने के बाद वो वापस जेल नहीं गया.
पुलिस के मुताबिक, रॉबिन तमांग पश्चिम बंगाल स्थित अपने गांव के अलावा नागालैंड, मेघालय, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा. पहचान छिपाने के लिए उसने सड़क किनारे खाने की दुकानों और स्टॉल पर हेल्पर का काम किया.
इस दौरान दिल्ली पुलिस आरोपी की लगातार तलाश करती रही.
इसी बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी की तलाश में एक विशेष टीम गठित किया. उस टीम ने आरोपी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस को उसके दिल्ली आने-जाने की सूचना मिली.
पुलिस ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन के आसपास जाल बिछाकर 15 फरवरी को उसे दबोच लिया.
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