वेस्ट बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में गुरुवार सुबह एक 64 साल के व्यक्ति का शव उसके ही घर में फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान बबलू पाल के तौर पर हुई है, जो रायगंज पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पालपारा इलाके का रहने वाला था.
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह सूचना मिली कि बबलू पाल अपने घर में लटके हुए मिले हैं. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए रायगंज मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.
परिवार के सदस्यों ने मौत के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दूसरे चरण से जुड़ी हियरिंग का नोटिस मिलने के बाद से बबलू पाल लगातार मानसिक तनाव में थे. उन्हें डर था कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है.
उन्हें यह भी डर हो गया था कि उनको गैर-कानूनी माइग्रेंट घोषित किया जा सकता है. परिजनों ने यह भी दावा किया कि जिस कमरे से शव बरामद हुआ, वहां से एक सुसाइड नोट मिला है. हालांकि पुलिस ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हर एंगल से इस मामले को देखा जा रहा है. मृतक पेशे से स्क्रैप डीलर था. उसके परिवार में पत्नी और एक बेटी है, जिसकी माध्यमिक यानी कक्षा 10 की परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होने वाली है. इस घटना के बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक कृष्ण कल्याणी मृतक के घर पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की है. उन्होंने इस घटना के लिए इलेक्शन कमीशन को जिम्मेदार ठहराया. उनका आरोप है कि SIR को लेकर लोग भारी मानसिक दबाव में हैं.
पुलिस अधीक्षक सोनोवाने कुलदीप सुरेश ने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी. उन्होंने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना संभव नहीं है. बताते चलें कि पिछले कुछ समय से वेस्ट बंगाल में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आई हैं.
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