केरल के कोच्चि के अलुवा इलाके में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी को कुछ लोगों ने जमकर पीटा. यह घटना उस समय हुई जब मंदिर उत्सव के दौरान भारी भीड़ उमड़ी हुई थी. पुलिस के मुताबिक, दो संदिग्ध बदमाशों ने एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी से सिर्फ इसलिए मारपीट की क्योंकि उन्होंने उन लोगों को अपनी मोटरसाइकिल वहां से हटाने के लिए कहा था. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि आरोपी एक संदिग्ध गैंग से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.
घायल अधिकारी की पहचान
हमले में घायल पुलिस अधिकारी की पहचान सीनियर सिविल पुलिस ऑफिसर रंजीत के रूप में हुई है, जो चेंगमनद पुलिस स्टेशन में तैनात हैं. घटना के समय रंजीत अलुवा शिव मंदिर के पास चल रहे उत्सव के मद्देनज़र ड्यूटी पर तैनात थे. वह भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रंजीत ने स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए आरोपियों को समझाने की कोशिश की थी. लेकिन बात अचानक हिंसा में बदल गई. इस हमले में उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई.
मनप्पुरम ब्रिज के पास विवाद
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अलुवा मणप्पुरम पुल के पास हुई. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जमा थे. उसी दौरान दो लोग अपनी मोटरसाइकिल इस तरह खड़ी कर रहे थे, जिससे भीड़ की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही थी. सीनियर सिविल पुलिस ऑफिसर रंजीत ने उन्हें बाइक हटाने के लिए कहा. इसी बात पर आरोपी भड़क गए और उन्होंने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया. अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोग भी घबरा गए.
हमलावर मौके से फरार
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, जब रंजीत ने दोपहिया वाहन हटाने को कहा तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी वर्दी तक फाड़ दी. शोर-शराबा सुनकर अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल अधिकारी को बचाया. हालांकि, तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई. पुलिस ने तुरंत आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की.
‘गुंडा’ गैंग से जुड़े आरोपी
अलुवा पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है. वाहन के नंबर और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपियों की पहचान कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी एक ‘गुंडा’ गैंग के सदस्य हैं. बताया जा रहा है कि मंदिर उत्सव में पहुंचने के बाद भी उन्होंने आम लोगों के बीच भी हंगामा किया था. पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. इस घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है. संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. मंदिर उत्सव जैसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की गई है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. फिलहाल, घायल अधिकारी का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
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