इन्फोसिस BPM पुणे में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप, कंपनी ने कही ये बात

इन्फोसिस बीपीएम पुणे कैंपस में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोपों पर कंपनी का बयान सामने आया है. Infosys ने Zero Tolerance Policy का सख्ती से पालन करते हुए जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताया है. जानें, क्या है पूरा मामला.

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इस मामले को लेकर कंपनी अपना रुख साफ किया है (फोटो-ITG) इस मामले को लेकर कंपनी अपना रुख साफ किया है (फोटो-ITG)

दिव्येश सिंह

  • पुणे,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के पुणे स्थित बीपीएम कैंपस को लेकर सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं. इन पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया है. इसी बीच कंपनी ने इन आरोपों पर अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए सफाई देने की कोशिश की है. इन्फोसिस का कहना है कि वह हर तरह के उत्पीड़न और भेदभाव के खिलाफ सख्त नीति अपनाती है.

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कंपनी ने साफ किया कि उसे सोशल मीडिया पर चल रही उन पोस्ट्स की जानकारी है, जिनमें पुणे स्थित Infosys BPM में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न का दावा किया गया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी तरह के उत्पीड़न या भेदभाव के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखती है. इन्फोसिस का कहना है कि वह हर देश और हर कार्यस्थल पर अपने कर्मचारियों को सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है. कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह कार्यस्थल पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं.

इन्फोसिस ने अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है. कंपनी के मुताबिक, हर शिकायत की जांच एक स्वतंत्र समिति द्वारा की जाती है, जो तय प्रक्रियाओं और कानूनों के अनुसार काम करती है. इन्फोसिस का कहना है कि उसने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया हुआ है. कंपनी ने यह भी कहा कि अगर कोई मुद्दा सामने आता है तो उसे पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांचा जाता है, ताकि सही कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

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कंपनी ने बताया कि वह केवल शिकायत आने के बाद ही नहीं, बल्कि पहले से ही ऐसे मामलों को रोकने के लिए भी कई कदम उठाती है. इन्फोसिस ने ‘अपनी बात कहने’ की संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि कर्मचारियों को किसी भी तरह की समस्या या चिंता को खुलकर सामने रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इसके लिए कई चैनलों के जरिए निवारक कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके. कंपनी का मानना है कि जागरूकता और संवाद के जरिए ऐसे मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है.

इन्फोसिस ने अपने मूल्यों और सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा कि वह हमेशा उच्च स्तर की नैतिकता, ईमानदारी और कार्यस्थल के आचरण को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कंपनी का कोड ऑफ कंडक्ट इन सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है और हर कर्मचारी से इसका पालन करने की उम्मीद की जाती है. इन्फोसिस ने कहा कि वह आगे भी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि रखेगी. साथ ही कंपनी ने भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी.

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