पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कत्ल की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक रियल एस्टेट डेवलपर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, यह घटना बुधवार सुबह की है. मृतक की पहचान 27 साल के शफीक खान के रूप में हुई है. वारदात एक व्यस्त सड़क पर अंजाम दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को काबू किया और मामले की जांच शुरू कर दी.
सड़क पर बरसी गोलियां
यह पूरी घटना हावड़ा के पिलखाना इलाके में हुई. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो हथियारबंद हमलावर पहले आम लोगों के बीच टहलते नजर आते हैं. वे कुछ देर तक मौके की रेकी करते दिखते हैं. अचानक दोनों बदमाश पिस्तौल निकालते हैं और शफीक खान पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर देते हैं. गोली लगते ही शफीक सड़क पर गिर पड़ते हैं. हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो जाते हैं. यह पूरा घटनाक्रम वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया.
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बुधवार शाम तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी हत्या के सिलसिले में की गई है. हालांकि पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर हैं. उसकी तलाश जारी है. पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई साफ हो पाएगी. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है.
कारोबारी रंजिश की आशंका
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शुरुआती जांच में यह मामला कारोबारी रंजिश से जुड़ा लग रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रियल एस्टेट कारोबार में प्रतिस्पर्धा की वजह से विवाद हो सकता है. हालांकि वे यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि असली वजह का खुलासा मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही होगा. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. पुराने लेन-देन और व्यावसायिक विवादों की भी पड़ताल की जा रही है.
सियासी आरोप-प्रत्यारोप
हत्या के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है. विपक्षी दल बीजेपी और ISF ने आरोप लगाया है कि आरोपी सत्तारूढ़ दल टीएमसी के करीबी हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कथित तौर पर एक आरोपी को टीएमसी विधायक की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा देखा गया है. इसी आधार पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
टीएमसी का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ टीएमसी मंत्री शशि पांजा ने कहा कि इस घटना को राजनीति से जोड़ना गलत है. उनका कहना है कि मृतक और आरोपी दोनों ही प्रमोटर थे और आपस में कारोबारी प्रतिद्वंद्वी थे. उन्होंने साफ कहा कि यह मामला दो व्यापारियों के बीच रंजिश का प्रतीत होता है. पार्टी या राजनीति से इसका संबंध जोड़ना उचित नहीं है. फिलहाल, पुलिस जांच कर रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम तस्वीर सामने आएगी.
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