साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-69 से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. त्रिपुरा की रहने वाली और BSc बायोटेक की छात्रा के साथ उसके लिव-इन पार्टनर शिवम ने ऐसी दरिंदगी की, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. चरित्र पर शक के चलते आरोपी ने न सिर्फ 3 दिनों तक बंधक बनाकर युवती को पीटा, बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट्स पर सैनिटाइजर डालकर आग लगा दी.
सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही 19 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में अपनी आपबीती सुनाई है. दरअसल, सितंबर 2025 में एक डेटिंग ऐप के जरिए युवती और शिवम की दोस्ती हुई, जो जल्द ही लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई.
16 फरवरी 2026 से टॉर्चर का सिलसिला शुरू हुआ. आरोपी ने स्टील की बोतल से सिर पर वार किया, दीवार और अलमारी से सिर टकराया और पैरों पर चाकू से हमला किया. क्रूरता की हद तब पार हुई जब आरोपी ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स पर सैनिटाइजर छिड़का और आग लगा दी.
आरोपी ने पीड़िता के न्यूड वीडियो बना लिए और धमकी दी कि उसे इस लायक नहीं छोड़ेगा कि वह कभी मां बन सके.
मां ने बचाई जान, बंगाली भाषा बनी 'कोड'
पीड़िता ने चतुराई दिखाते हुए 18 फरवरी की रात आरोपी के फोन से अपनी मां को कॉल किया. आरोपी को बंगाली भाषा नहीं आती थी, इसलिए उसने इसी भाषा में मां को अपनी आपबीती और मारपीट की जानकारी दी. मां ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को रेस्क्यू किया.
मां की मांग, रेप और हत्या की कोशिश की धाराएं जुड़ें
पीड़िता की मां का सफदरजंग अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी शिवम पर रेप और हत्या की कोशिश की धाराएं भी लगाई जाएं. उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी शिवम के साथ रह रही थी, उन्हें लगा वह पीजी में है.
पुलिस कार्रवाई और धाराएं
गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
अंशुल सिंह