कुख्यात गैंगस्टर और सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस के मुख्य आरोपी गोल्डी बराड़ के खिलाफ पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. पुलिस ने उसके पिता शमशेर सिंह और मां प्रीतपाल कौर को अमृतसर से गिरफ्तार किया है. मंगलवार को इन्हें मुक्तसर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.
पुलिस का दावा है कि दोनों अपने बेटे की आपराधिक गतिविधियों और रंगदारी के नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल थे. शमशेर सिंह खुद पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रह चुके हैं. लेकिन उनका रिकॉर्ड भी बेदाग नहीं रहा है. साल 2021 में उन्हें विभाग ने तब जबरन रिटायर कर दिया था, जब वे खुद एक्सटॉर्शन के पैसे वसूलते पकड़े गए थे.
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस दंपति के पास आय का कोई वैध जरिया नहीं था, इसके बावजूद वे मुक्तसर के आदेश नगर में बेहद आलीशान और 'रॉयल' लाइफस्टाइल जी रहे थे. इस गिरफ्तारी की नींव नवंबर 2024 में पड़ी, जब मुक्तसर के उदेकरन गांव के रहने वाले सतनाम सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
सतनाम को एक इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था, जिसमें खुद को बंबीहा गैंग का बताकर 50 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. जब पुलिस ने इस एक्सटॉर्शन कॉल की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो जांच के तार सीधे गोल्डी बराड़ के माता-पिता से जा जुड़े. पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है.
पुलिस ने अब तक करीब 60 विदेशी गैंगस्टरों के 1200 साथियों और उनके 600 परिवार के सदस्यों की मैपिंग की है. गोल्डी बराड़, जो फिलहाल अमेरिका में छुपा बैठा है, उसे भारत सरकार ने पहले ही ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी और हत्याओं की साजिश रचने के आरोप में 'आतंकी' घोषित कर रखा है. पुलिस ने अदालत से उसके मां-बाप के लिए 5 दिन की रिमांड मांगी थी.
मुक्तसर के एसएसपी अभिमन्यु राणा ने बताया कि अदालत ने 30 जनवरी तक की मोहलत दी है. अब इन तीन दिनों की पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि गोल्डी बराड़ विदेश से जो पैसा भेजता था, उसका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और पंजाब में इस सिंडिकेट के और कौन-कौन से स्लीपर सेल सक्रिय हैं.
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