दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगाए कैमरे, पाकिस्तान में था एक्सेस, जासूसी कांड में चौंकाने वाला खुलासा

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए गाजियाबाद पुलिस ने नौशाद अली को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया. वह पंचर की दुकान की आड़ में जासूसी कर रहा था. इस गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पकड़े जा चुके हैं. गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेजता था. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना थी, जिनमें से कुछ बरामद कर जांच जारी है.

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अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. Photo ITG अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. Photo ITG

सचिन गौड़

  • गाजियाबाद,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:27 AM IST

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद पुलिस ने फरीदाबाद से नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया है. नौशाद गांव नचौली में एक पेट्रोल पंप पर पिछले तीन महीनों से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था. पुलिस के मुताबिक, वह इसी दुकान की आड़ में जासूसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.

इस मामले में गिरोह के सरगना सुहेल समेत अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस ने नौशाद के अलावा मथुरा निवासी एक महिला और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें सुहेल ने ही इस नेटवर्क से जोड़ा था.

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जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए पाकिस्तान भेजता था. इसके बदले उन्हें हर फोटो के लिए 4 से 6 हजार रुपये तक मिलते थे.

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा रखे थे. इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग का एक्सेस पाकिस्तान में मौजूद लोगों के पास था, जो सीधे इन संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे थे.

50 सोलर कैमरे लगाने की थी प्लानिंग
पुलिस के अनुसार, गिरोह देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रहा था और कुछ जगहों पर कैमरे लगाए भी जा चुके थे. दिल्ली और सोनीपत में लगे कैमरों को बरामद कर लिया गया है और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है.

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जांच के दौरान यह भी पता चला कि नौशाद मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है और उसे कोलकाता से बुलाकर फरीदाबाद में यह दुकान खुलवाई गई थी.

फिलहाल गाजियाबाद पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जासूसी रैकेट के तार और किन-किन जगहों से जुड़े हैं.

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