'फैमिली ट्रिप' की आड़ में ड्रग तस्करी का पर्दाफाश, 7.5 करोड़ की हेरोइन जब्त, 3 लोग गिरफ्तार

दिल्ली में ड्रग्स तस्करी का खुलासा हुआ है. फैमिली ट्रिप का दिखावा कर एक दंपति करोड़ों की हेरोइन राजधानी ला रहा था. पत्नी को साथ बैठाकर शक से बचने की कोशिश की गई, लेकिन क्राइम ब्रांच की सतर्कता ने पूरा खेल बिगाड़ दिया.

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दिल्ली में फैमिली ट्रिप की आड़ में ड्रग तस्करी करने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है. (Photo: X/@CrimeBranchDP) दिल्ली में फैमिली ट्रिप की आड़ में ड्रग तस्करी करने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है. (Photo: X/@CrimeBranchDP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

दिल्ली में ड्रग्स तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. फैमिली ट्रिप की आड़ में करोड़ों रुपए की हेरोइन देश की राजधानी में सप्लाई की जा रही थी. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-गाजियाबाद-भोपुरा बॉर्डर पर जाल बिछाकर इस रैकेट का पर्दाफाश कर दिया.

इस रैकेट में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक दंपति शामिल है. आरोपियों की पहचान नारायणा निवासी 46 वर्षीय आरिफ खान, उसकी पत्नी 30 वर्षीय शिखा अली और भलस्वा डेयरी इलाके के 32 वर्षीय जुम्मन के रूप में हुई है. उनके कब्जे से 1.504 किग्रा हेरोइन बरामद हुई है.

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इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है. क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि आरिफ उत्तर प्रदेश के बरेली से भारी मात्रा में हेरोइन लेकर गाजियाबाद के लोनी और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करने वाला है. आरोपी रात के समय टैक्सी से ड्रग्स लेकर चलता था. 

पुलिस के मुताबिक, शक से बचने के लिए वह अपनी पत्नी को साथ बैठाता था, ताकि पुलिस को यह एक सामान्य परिवार की यात्रा लगे. क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली-गाजियाबाद-भोपुरा बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी. आरोपियों गाड़ी के दिल्ली में दाखिल होने के रूट और टाइमिंग का तकनीकी विश्लेषण किया गया.

10 फरवरी की देर रात गाजियाबाद से दिल्ली में दाखिल हो रही कार को रोका गया. उसमें आरिफ और शिखा सवार थे. तलाशी लेने पर उनके पास से 303 ग्राम हेरोइन बरामद हुई. कार की पिछली सीट पर रखे एक बैग में 1007 ग्राम हेरोइन और मिली. पूछताछ में आरिफ ने असप्लायर और रिसीवर की जानकारी दी. 

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आरिफ ने खुलासा किया कि उसे हेरोइन बरेली के एक किंगपिन से मिलती थी. वो इसे गाजियाबाद और दिल्ली में अपने कॉन्टैक्ट्स को सप्लाई करता था. उसने यह भी बताया कि 7 फरवरी को उसने भलस्वा डेयरी इलाके में जुम्मन को 500 ग्राम हेरोइन दी थी. इसके बाद पुलिस ने जुम्मन को उसके घर तक ट्रेस किया. 

इसके लिए टेक्निकल एनालिसिस और CCTV फुटेज की मदद ली गई. मंगलवार को रेड कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके घर की तलाशी में 194 ग्राम हेरोइन और बरामद हुई. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरिफ पहले गाजीपुर में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था. कोरोना महामारी में उसकी नौकरी चली गई. 

इसके बाद उसने एक टैक्सी खरीदकर चलाने लगा. इसी दौरान वो बरेली के सप्लायर के संपर्क में आया और ज्यादा कमाई के लालच में हेरोइन ट्रांसपोर्ट करने लगा. शिखा को इस गैर-कानूनी धंधे की पूरी जानकारी थी. वो पुलिस से बचाने के लिए हर कंसाइनमेंट के दौरान अपने पति के साथ जाती थी. 

वहीं जुम्मन पेशे से इलेक्ट्रीशियन है. आरिफ से हेरोइन खरीदकर भलस्वा डेयरी में रेलवे लाइनों के पास छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेचता था. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी है. पुलिस का कहना है कि गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

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