भदोही में बेची हुई जमीन दो बैंकों में गिरवी रखकर लिया लोन, हैरान कर देगी तीन भाइयों की करतूत

भदोही में रहने वाले तीन भाइयों ने मिलकर बड़ा खेल कर दिया. आरोप है कि उन तीनों ने बेची हुई जमीन को दो बैंकों में गिरवी रखकर लोन ले लिया और उसे अपने काम के लिए इस्तेमाल किया. कोर्ट के आदेश पर इस सिलसिले में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस ने आरोपी भाईयों को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG) पुलिस ने आरोपी भाईयों को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • भदोही,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में जमीन से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां तीन सगे भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने पहले अपनी जमीन बेच दी और बाद में उसी जमीन को दो अलग-अलग बैंकों में गिरवी रखकर लोन ले लिया. पीड़िता एक मूक-बधिर महिला बताई जा रही है, जिसने रजिस्ट्री के जरिए जमीन खरीदी थी. मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, कोइरौना थाना क्षेत्र के भुर्रा गांव की रहने वाली ज्योति देवी ने तीन दिसंबर 2021 को 0.104 हेक्टेयर जमीन राम बहादुर, शिव बहादुर और श्याम बहादुर से खरीदी थी. यह खरीद-फरोख्त बाकायदा रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए हुई थी. जमीन की कीमत एक लाख रुपये बताई गई है. ज्योति देवी मूक-बधिर हैं और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन अपने नाम कराई थी. रजिस्ट्री होने के बाद जमीन का मालिकाना हक उनके नाम पर हो गया था. लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद तीनों भाइयों ने धोखाधड़ी की साजिश रची.

बेची हुई जमीन रख दी गिरवी!
पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, आरोपियों ने वही जमीन 25 जनवरी 2022 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कोइरौना शाखा में गिरवी रख दी. इसके बाद 19 जनवरी 2024 को उसी जमीन को वाराणसी जिला सहकारी बैंक में भी गिरवी रखकर लोन ले लिया. पुलिस का कहना है कि दोनों बैंकों से लिया गया लोन आरोपियों ने अपने निजी कामों में इस्तेमाल किया. यानी जिस जमीन को वे बेच चुके थे, उसी के कागजात के आधार पर उन्होंने बैंक से कर्ज हासिल कर लिया.

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ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
बताया जा रहा है कि जब इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी ज्योति देवी और उनके परिवार को मिली तो वे हैरान रह गए. जमीन की खरीद के बाद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उसी जमीन पर बैंक से लोन उठाया जा चुका है. ज्योति देवी के ससुर रामराज तिवारी (75) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी रास्ता अपनाया. उन्होंने पूरे दस्तावेजों के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

कोर्ट में शिकायत और FIR
रामराज तिवारी ने 9 अक्टूबर 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) अरिजीत सिंह की अदालत में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों भाइयों ने रजिस्ट्री के बावजूद जमीन को फर्जी तरीके से गिरवी रखकर धोखाधड़ी की है. अदालत में सुनवाई के बाद बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस ने शुरू की जांच
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने पीटीआई को बताया कि कोर्ट के निर्देश के बाद तीनों भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि जमीन गिरवी रखने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और क्या बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या अन्य किसी जमीन या संपत्ति के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई है.

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कानूनी कार्रवाई 
इस मामले ने जमीन खरीद-फरोख्त में सतर्क रहने की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो तीनों भाइयों पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लग सकती हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी खरीदी हुई जमीन पर उनका अधिकार सुरक्षित रहेगा.

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