प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED ने 11 मार्च 2026 को करीब 581.65 करोड़ रुपये की 31 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया. ये संपत्तियां अलग-अलग राज्यों में स्थित जमीन के टुकड़ों के रूप में हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है.
कई राज्यों में 31 प्लॉट अटैच
ED द्वारा अटैच की गई 31 संपत्तियां देश के कई राज्यों में फैली हुई हैं. जिनमें गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक ये संपत्तियां जमीन के प्लॉट के रूप में हैं. इनकी कुल कीमत करीब 581.65 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह कार्रवाई वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान की गई है, ताकि संदिग्ध संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके.
रिलायंस पावर की जांच के बाद एक्शन
ED की यह कार्रवाई रिलायंस पावर लिमिटेड (R-POWER) से जुड़े मामले में हाल ही में की गई तलाशी के बाद सामने आई है. जांच एजेंसी ने 6 मार्च 2026 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत सर्च ऑपरेशन चलाया था. इसी जांच के दौरान कई दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई. इसके बाद संदिग्ध संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की गई.
पहले भी हजारों करोड़ की संपत्ति अटैच
यह पहली बार नहीं है जब रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े मामलों में ED ने कार्रवाई की हो. इससे पहले भी एजेंसी RCFL, RHFL और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े बैंक फ्रॉड मामलों में 15,729 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच कर चुकी है. ताजा कार्रवाई के बाद अब तक अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े मामलों में कुल अटैचमेंट की रकम बढ़कर करीब 16,310 करोड़ रुपये हो गई है.
छापों के दौरान 2.48 करोड़ की संपत्ति भी जब्त
जांच के दौरान ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और FEMA के तहत कई वित्तीय संपत्तियों को भी जब्त किया है. एजेंसी ने करीब 2.48 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज या सीज किया है. यह रकम फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड और नकद के रूप में पाई गई. जांच एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पैसों के स्रोत का पता लगाया जा सके.
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बैंक खातों पर भी एक्शन
इसके अलावा ED ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (R-INFRA) से जुड़े बैंक खातों पर भी कार्रवाई की है. एजेंसी ने FEMA की धारा 37A के तहत कंपनी के 13 बैंक खातों में मौजूद 77.86 करोड़ रुपये की राशि को सीज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संदिग्ध विदेशी लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत उठाया गया है. फिलहाल ED इस पूरे मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है.
दिव्येश सिंह