साध्वी प्रेम बाईसा डेथ मिस्ट्री: पिता-केयरटेकर से 3 घंटे पूछताछ, FSL ने जुटाए सबूत, SIT जांच में नए खुलासे

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है. इस केस में गठित SIT ने जांच तेज कर दी है. रविवार को FSL टीम ने आश्रम से नए सैंपल जुटाए, वहीं साध्वी के पिता वीरमनाथ और केयरटेकर से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई.

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जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के रहस्य से अभी पर्दा नहीं उठा है. (Photo: ITG) जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के रहस्य से अभी पर्दा नहीं उठा है. (Photo: ITG)

अशोक शर्मा

  • जोधपुर,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST

राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है. 28 जनवरी को हुई साध्वी की मौत अब भी रहस्य बनी हुई है. यह स्वाभाविक मौत थी या फिर हत्या, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया है. इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है.

रविवार सुबह एफएसएल की टीम एक बार फिर जोधपुर के बोरानाडा स्थित आरती नगर आश्रम पहुंची. टीम ने मौके से कुछ अहम सैंपल जुटाए. इसी दौरान पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान भी आश्रम पहुंचे. इस दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की प्रमुख छवि शर्मा ने जांच के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं.

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इसके बाद एसआईटी टीम ने साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ, मामा गंगाराम और आश्रम के केयरटेकर सुरेश से करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की है. एसआईटी प्रमुख छवि शर्मा ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि जांच से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर दोबारा बातचीत की गई है.

साध्वी के पिता वीरमनाथ ने कहा कि पुलिस ने जो भी जानकारी मांगी, वह उन्होंने दे दी है. उनका मोबाइल पुलिस के पास है. फिलहाल उन्हें दोबारा नहीं बुलाया गया है. वीरमनाथ ने बताया कि प्रेम बाईसा को पहले हल्की खांसी की समस्या रहती थी. उन्होंने बेटी के लिए न्याय की मांग दोहराई. 

सीसीटीवी को लेकर उन्होंने कहा कि आश्रम में वायरिंग पहले से थी, लेकिन कैमरे लगाए नहीं गए थे. पूछताछ के बाद वीरमनाथ गांव के लिए रवाना हो गए. शनिवार को एसआईटी ने आश्रम में मौजूद रहे युवक सुरेश से भी पूछताछ की थी. उसने बताया कि घटना वाले दिन प्रेम बाईसा अजमेर से आई थीं. 

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सुबह उनका गला खराब था. दोपहर में उन्होंने जुकाम के कारण काढ़ा पिया था. शाम करीब 5 बजे एक नर्सिंग कर्मी आश्रम आया था, जिसने कमरे में जाकर इंजेक्शन लगाया. उसके जाने के चार-पांच मिनट बाद ही साध्वी की जोर से चीख सुनाई दी. सुरेश ने बताया कि प्रेम बाईसा गेट तक आने के बाद गिर पड़ीं. 

इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया, रास्ते में उन्होंने बार-बार कहा कि पापा मुझे न्याय दिला देना. सुरेश ने दावा किया कि उनके नाखून हरे हो रहे थे और सांसें अटक रही थीं. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर उन्हें अंदर ले गए, लेकिन बाद में शव वापस आश्रम लाया गया. पुलिस ने साध्वी के मामा गंगाराम से भी पूछताछ की है. 

गंगाराम ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे मिली थी. वे जयपुर से निकलकर रात करीब 1.30 बजे जोधपुर पहुंचे. उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन लगने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और सांस उखड़ने लगी थी. उन्होंने यह भी कहा कि पिता और बेटी के रिश्ते अच्छे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है. 

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन इंजेक्शन का निशान जरूर पाया गया है. विसरा एफएसएल भेजा गया है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित से प्रारंभिक पूछताछ कर ली है. अब उसे नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगे गए हैं.

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