गोरखपुर के सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद करने में लगे हुए हैं. रवि किशन ने पिछले साल जरूरतमंदों में राशन बांटने संग अन्य मदद के काम किए थे. इस साल भी वह राहतकार्य में लगे हुए हैं. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया कि कोरोना के इलाज के लिए उन्होंने पहले से ही बच्चों के लिए कोविड वार्ड बनवा दिए थे. इसका कारण यह है कि वह अब इसे बनवाना अफोर्ड नहीं कर सकते हैं. आजतक से खास बातचीत में रवि किसन ने यह भी कहा कि अभी कोरोना गया नहीं है.
रवि किसन ने आगे बात करते हुए कह कि 'हमारे क्षेत्र गोरखपुर विधानसभा में माननीय योगी जी के नेतृत्व में हमने बहुत काम किया है. मैं आपको बता नहीं सकता कि किन-किन जगहों पर जाकर हमने कोविड-19 के मरीजों की मदद की है. बड़ा ही भयानक मंजर था, किसी ने नहीं सोचा था कि एक साथ सारा देश बीमार पड़ जाएगा. मेडिकल संसाधनों और खास तौर पर ऑक्सीजन की कमी पड़ जाएगी. फिलहाल केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में हमारे गोरखपुर में 40 मैट्रिक टन ऑक्सीजन मुहैया कराया गया है, जो रेल मार्ग से गोरखपुर पहुंचा है. अभी कई दिनों तक हमारे यहां ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिलेगा. इसके लिए में पीयूष गोयल जी और योगी जी को धन्यवाद करना चाहूंगा.
लापरवाही से बिगड़े हालात
कोविद 19 की दूसरी लहर की प्रचंडता पर रवि किशन ने कहा कि 'देश में मेडिकल सिस्टम के हालात पर मैं कहूंगा कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयानक होगी कि हम संभलने का मौका तक नहीं देगी. हम और आप इसके जिम्मेदार हैं. हमने इसे हल्के में लिया और बिना मास्कलगाए घूमने लगे. मानो कोरोना अब रहा ही नहीं. जबकि दूसरे मुल्क ब्रिटेन हो या अमेरिका सबने कोरोना का पीक टाइम खत्म होने के बाद भी मास्क लगाना बंद नहीं किया और धीर-धीरे चेन तोड़ने में कामयाम रहे. लेकिन हमने गलती की और अब उसे भुगतना पड़ रहा है. लेकिन अब हम और देश के अन्य राज्यों की हर सरकार अब अफोर्ड नहीं कर सकती, इसलिए पहले से भरपूर तैयारियां की जा रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होगी. इसलिए हमने पहले से ही अपने कई अस्पतालों में बच्चो के लिए 25 से 30 बेड का इंतजाम कर दिया है. साथ ही हमने गोरखपुर में कई अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा बेड की संख्या बढ़ने की कार्यवाही शुरू कर दी है.
कोविड मरीजों के लिए एम्स में किया गया 500 बेड के इंतजाम
रवि ने बताया- हमारे यहां एम्स भी शुरू कर दिया गया है. मौके की नजाकत को देखते हुए अब हम कोई चूक नहीं रखना चाहते. ऊपर से अब ब्लैक फंगस का खतरा भी सामने है. ये एक ऐसी बीमारी है कि शरीर के जिस हिस्से में ये ब्लैक फंगस हो जाता है उससे काटकर अलग करना पड़ता है और इसके केसेस लगातार सामने आ रहे है. कोविड की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए हमने यह एम्स भी शुरू करा दिया है, जिसमे हमने कोविड मरीजों के लिए 500 बेड की व्यवस्था की है और हम लगातार बेड की संख्या बढ़ाते जा रहे हैं.
रवि ने आगे कहा- मैं सबसे हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहूंगा कि अभी खतरा टला नहीं है. घर पर ही रहकर दाल-रोटी खाकर काम चलाइए, क्योंकि ये जो सांसें हैं ये बहुत कीमती हैं. ये चलती रहनी चाहिए. जिस तरह अभी ये तूफान हमारे देश से गुजरा है और उसने सारा कचरा उठाकर हमारे ऊपर फेंक दिया ये एक चेतावनी है. जिस तरह से हम समंदर और प्रकृति को गंदा कर रहे हैं वो अब हिसाब मांग रही है. जो दिया है वो वापस लौटा रही है. इसलिए अब हम सबको एक जिमेदारी और जागरूकता के साथ एक साथ काम करना पड़ेगा. संयम से काम लें. जिंदगी का कोई भरोसा नहीं. सरकार की दी गई गाइडलाइन्स का पालन कीजिए और बगैर मास्क लगाए जीने के बारे में फिलहाल सोचिए भी नहीं, क्योंकि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.
अनुराग गुप्ता