Petrol Pump Scam: पेट्रोल पंप पर '0' के साथ ये मीटर देखना न भूलें, पैनिक बायिंग में लग जाएगी चपत

US-Iran युद्ध के चलते होर्मुज बंद होने से ग्लोबल तेल संकट गहराया हुआ है और तमाम देशों में फ्यूल प्राइस बढ़ गए हैं. भारत में पैनिक बायिंग के नजारे देखने को मिले. ऐसे में पेट्रोल पंपों होने वाले फ्रॉड के बारे में सचेत रहना बेहद जरूरी है.

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पैट्रोल पंपों पर पैनिक बायिंग की खबरों के बीच सावधानी जरूरी. (File Photo: ITG) पैट्रोल पंपों पर पैनिक बायिंग की खबरों के बीच सावधानी जरूरी. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

पेट्रोल पंप पर लोग अपनी कार-बाइक में पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए जाते हैं, तो फ्यूल भरने वाला कर्मचारी उनसे मीटर में जीरो चेक करने के लिए कहता है. आपके साथ भी ऐसा ही होता होगा और आप 0 पर नजर डालकर संतुष्ट हो जाते हैं कि चलो पूरा Petrol-Diesel भर गया. जेब से पैसे निकालते हैं या फिर ऑनलाइन पेमेंट करते हैं और चलते बनते हैं. 

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लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जहां आप पेट्रोल पंप के मीटर में 0.00 देखते रह जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर आपकी जेब काटने का खेल भी हो जाता है और आपको पता भी नहीं चल पाता. आइए समझते हैं कि कैसे आप इससे खुद को बचा सकते हैं और अगली बार पंप पर आपको क्या सावधानी बरतनी है.

'जीरो' ही नहीं, यहां भी रखें नजर 
पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को चूना लगाने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर भी आए दिन इससे जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं. ऐसा ही एक Viral Video बीते दिनों भी चर्चा में रहा था, जिसमें एक पेट्रोल पंप कर्मी खुद फ्यूल में धांधली की तस्वीर पेश करता और उससे बचाव की सलाह देते हुए नजर आ रहा था और वो मीटर में जीरो की जगह डेंसिटी के आंकड़े पर नजर रखने की बात कहता नजर आ रहा था. ये सच भी है क्योंकि असली धांधली का खेल तो यहीं से हो जाता है. 

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दरअसल, Density Meter पर प्रदर्शित होने वाले आंकड़ों में हेरफेर करके ग्राहक को खुली आखों के सामने ही चूना लगा दिया जाता है. क्योंकि आपने भी देखा होगा कि जीरो देखने को लिए तो पेट्रोल पंप कर्मी कहता है, लेकिन डेंसिटी मीटर पर नजर डालने के लिए नहीं बोलता. अब जब आप पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए जाएं, तो इस पर नजर जरूर डाल लें, फायदे में रहेंगे. 

क्यों जरूरी है डेंसिटी मीटर देखना?
सबसे पहले समझ लेते हैं कि आखिर ये Density Meter होता क्या है. तो बता दें कि आपके वाहन में डाले जाने वाले Petrol-Diesel की शुद्धता का पैमाना यही होता है. ये बताता है कि जो फ्यूल आपकी कार-बाइक में जा रहा है, वो कितना शुद्ध है या फिर मिलावटी तेल डालकर आपकी जेब काटने के साथ ही वाहन को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है. ये फ्यूल की क्वालिटी को प्रदर्शित करने वाला मीटर होता है और इसके लिए मानक भी तय हैं.

पेट्रोल-डीजल के घनत्व को डेंसिटी से मापा जाता है, क्योंकि जब तय मात्रा में मिनरल्स को मिलाकर कोई प्रोडक्ट बनता है, तो उसके आधार पर उसकी क्वालिटी सेट होती है और इसमें छेड़छाड़ से पता चल सकता है कि वो मिलावटी है. Petrol Density 720 से 775 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तय है, जबकि डीजल के मामले में डेंसिटी (Diesel Density) 810 से 845 किलोग्राम प्रति क्लूबिक मीटर निर्धारित की गई है. 

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अगर उस पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय उस फ्यूल की डेंसिटी इस दायरे में है, तो सब ठीक है. वहीं अगर इससे ऊपर नीचे है, तो फिर समझ जाइए कि खेल हो रहा है आपकी जेब काटने का यानी जो पेट्रोल या डीजल आपकी गाड़ी में डाला जा रहा है, वो मिलावटी है.

दोहरी दिक्कत से बचाएगी जरा सी सावधानी
डेंसिटी मीटर पर नजर रखकर आप अपने साथ पेट्रोल पंप पर होने वाली धोखाधड़ी से बच सकते हैं. सिर्फ यही एक नहीं, बल्कि कहें तो दोहरी दिक्कत से बचा जा सकता है, क्योंकि मिलावटी तेल आपकी गाड़ी के इंजन के लिए भी खराब होता है और उसे नुकसान पहुंचा सकता है. 

और भी तरीकों से हो सकता है फ्रॉड 
जहां डेंसिटी मीटर में छेड़छाड़ पर नजर रखकर फ्रॉड से बचा जा सकता है, तो वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है. अगर जिस जीरो को पेट्रोल पंप कर्मचारी देखने के लिए बोलता है, फ्यूल भरने की शुरुआत होने पर अगर ये 0 से 3-4-5 जैसे छोटे नंबर के साथ आगे बढ़ रही है, तो सब ठीक है. वहीं अगर ये 0 से सीधे 10 पर पहुंच जाता है, तो मान लीजिए इस जीरो वाले मीटर में भी गड़बड़झाला है और ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है. 

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पैनिक बायिंग के बीच ये टिप्स आएंगे काम
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया के तमाम देशों में तेल संकट गहराया है. पाकिस्तान, श्रीलंका समेत कई देशों में Petrol-Diesel Price Hike देखने को मिला है, तो भारत में भी पैनिक बायिंग की खबरें चर्चा में रही हैं और मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात के कई शहरों तक में पेट्रोल पंपों पर भीड़ के नजारे देखने को मिले हैं.

हालांकि, सरकार से लेकर तेल कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. लेकिन घबराहट में की जाने वाली तेल की खरीदारी के दौरान फ्रॉड के चांस ज्यादा रहते हैं, तो किसी भी स्थिति में ऊपर बताई गए टिप्स अपनाना आपके लिए फायदेमंद होगा. 

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