डूब गया पैसा? लेकिन अब 3 दिन से शेयर बाजार में तेजी... राजू को खुश होना चाहिए या नहीं?

Stock Market Updates: ईरान-इजरायल युद्ध ने शेयर बाजार को तबाह कर दिया है. लेकिन पिछले तीन दिन से बाजार संभलने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में क्या बाजार में गिरावट थम गई है?

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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी. (Photo: Reuters) शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी. (Photo: Reuters)

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:09 AM IST

राजू को थोड़ी राहत मिली है, तीन से शेयर बाजार संभलने की कोशिश कर रहा है. दरअसल, ईरान-इजरायल युद्ध ने बाजार का बुरा हाल कर दिया है. अभी भी निफ्टी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 11 फीसदी नीचे है. बीत शुक्रवार को निफ्टी लुढ़ककर 23000 के करीब पहुंच गया था. जिससे निवेशकों में कोहराम मच गया था.

राजू का कहना है कि पिछले हफ्ते तो ऐसा लग रहा था कि सबकुछ बर्बाद हो गया. लेकिन अब तीन दिन से लगातार बाजार में तेजी बनी हुई है, और इस दौरान पोर्टफोलियो का नुकसान थोड़ा कम हुआ है. अभी भी पोर्टफोलियो का रंग गहरा लाल है. राजू जैसे देश में लाखों रिटेल निवेशक हैं, जिनका पोर्टफोलियो डूब पड़ा है. 

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वैसे ही पिछले करीब 2 साल से भारतीय शेयर बाजार दबाव में था, और ईरान-इजरायल युद्ध ने उसे बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है. लेकिन इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या बाजार में गिरावट थम गई. क्या निफ्टी के लिए 23000 बॉटम मान लें, जहां से बाजार ने यूटर्न लिया है. 

बता दें, शुक्रवार को भारी गिरावट से सहमे निवेशक इस हफ्ते सोमवार को भी डरे हुए थे. लेकिन इस दिन बाजार में तेजी का माहौल रहा, और निफ्टी 3 दिन में करीब 3 फीसदी यानी 750 अंक संभल चुका है. ऐसे में अब रिटेल निवेश को क्या करना चाहिए?

1. पहली बात (युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है) 
ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जारी है, इस युद्ध ने सबसे ज्यादा तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है. इसलिए जब तक दोनों तरफ से युद्ध समाप्ति की घोषणा नहीं की जाए, तब तक बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा. क्योंकि कब कौन देश, किसपर बड़ा हमला कर दे, इसका कोई अनुमान नहीं है. ऐसे में बाजार फिर से लुढ़क सकता है, और तीन दिन की तेजी गायब हो सकती है. अभी निवेशक संभलकर रहना चाहिए, हालांकि अगर युद्ध खत्म हो जाता है तो फिर बाजार में आगे में तेजी बनी रह सकती है.

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2. दूसरी बात (पोर्टफोलियो को संभलने में अभी लगेगा वक्त)
पिछले दो-तीन साल से शेयर बाजार या फिर म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने वाले अधिकतर निवेशकों को झटका लगा है. प्रॉफिट के साथ-साथ कैपिटल भी कम हो गया है. यानी कमाई तो दूर, जितने पैसे निवेश किए थे, वो भी कम हो गए. ऐसी स्थिति में रिटेल निवेशक को अभी प्रॉफिट के लिए लंबा इंतजार करना होगा. क्योंकि सिर्फ एक महीने में निफ्टी करीब 8 फीसदी गिरा है. अब जब इंडेक्स में युद्ध की वजह से 10 फीसदी की गिरावट आई है तो फिर पोर्टफोलियो में 20 से 25 फीसदी तक की गिरावट आम बात है. 

3. तीसरी बात (क्या अभी निवेश का सही वक्त है?)
राजू का एक अहम सवाल ये है कि क्या निवेश के लिए ये सही वक्त है? पिछले तीन दिन से बाजार भाग रहा है, ऐसे में अगर इस लेवल पर निवेश नहीं किए तो फिर बाजार बहुत ऊपर चला जाएगा, और फिर प्रॉफिट बनाने का मौका भी हाथ से निकल जाएगा? लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक राजू जैसे रिटेल निवेशक को प्रॉफिट से ज्यादा कैपिटल बचाने पर फोकस करना चाहिए. क्योंकि युद्ध खत्म नहीं हुआ है. हालांकि बाजार बहुत गिर चुका है. ऐसे में अगर निवेश के लिए पैसे रखे हैं, तो फिर रणनीति के तहत उसे लगाएं. 

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उदाहरण के लिए अगर कोई निवेशक 1 लाख रुपये बाजार में लगाना चाहता है, तो उसे इस गिरावट में एक चौथाई रकम निवेश कर देना चाहिए, और फिर युद्ध खत्म होने का इंतजार करना चाहिए, अगर बाजार यहां से और गिरता है तो एक-चौथाई रकम लगा दें, वहीं जैसे ही युद्ध खत्म हो, फिर एक चौथाई रकम निवेश कर दें, बाकी 25000 रुपये हमेशा अपने पास रखें. समय-समय पर अच्छे स्टॉक्स में करेक्शन देखने को मिलते हैं, उस समय निवेश करें. 

4. चौथी बात (इस हालात में कहां और कितना निवेश करें?)
राजू जैसे रिटेल निवेशक को ज्यादा नुकसान इसलिए होता है, वो आंखें मूंदकर ऐसे स्टॉक्स खरीद लेते हैं, जो चढ़ता कम है, लेकिन गिरता ज्यादा है. इसलिए रिटेल निवेशक को सलाह दी जाती है, कि हमेशा ब्लूचिप कंपनियों में निवेश करें, ताकि गिरावट का खतरा कम है. जबकि अधिकतर आम निवेशक रिटर्न की लालच में स्मॉल कैप और पैनी स्टॉक्स पर ज्यादा दांव लगा देते हैं, फिर कमाना तो दूर, अपनी पूंजी भी गवां देते हैं. अब अगर आपको बाजार की पूरी नॉलेज नहीं है तो सीधे इक्विटी मार्केट में निवेश से बचें, म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा ETF में दांव लगा सकते हैं.

पोर्टफोलियो में करीब 20 फीसदी हिस्सा सोने-चांदी का रखें, लेकिन अभी एक साथ सोने-चांदी में निवेश भी खतरे से खाली नहीं है. फिलहाल राजू जैसे निवेशक को केवल इंतजार करना चाहिए, हड़बड़ी न तो शेयर खरीदें, और न ही बेचें. खासकर न्यूज को देखकर फैसले मत लें. कहीं भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें. जब तक ईरान-इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है, बाजार के लिए संकट टला नहीं है. 

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