शेयर बाजार के लिए अप्रैल महीने की शुरुआत धमाकेदार रही है. लेकिन मार्च महीने ने निवेशकों को जो जख्म दिया है, उसने भरने में लंबा वक्त लग सकता है. दरअसल, वैश्विक बाजारों से अच्छे संकेतों की वजह से बुधवार को भारतीय बाजारों में तेजी दर्ज की गई. सेंसेक्स 73000 अंक से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा, जबकि निफ्टी में 22,679 पर बंद हुआ.
अब सबकी निगाहें गुरुवार पर टिकी हैं, दुनियाभर के शेयर बाजारों के लिए गुरुवार का दिन अहम रहने वाला है, क्योंकि गुरुवार की सुबह करीब साढ़े 6 बजे (भारतीय समयनुसार) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश को संबोधित करने वाले हैं. ट्रंप के बयान से ही बाजार की दिशा तय होगी.
हालांकि फिलहाल ग्लोबल संकेतों को देखें तो अमेरिकी मार्केट (डाउ फ्यूचर्स) में 0.50 फीसदी की तेजी देखी जा रही है, इसके अलावा जापान, चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजार से भी मजबूती के संकेत मिल रहे हैं.
बुधवार को भारतीय बाजारों में तूफानी तेजी
बुधवार को भारतीय बाजार में जोरदार तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 11 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कोई निगेटिव खबर नहीं आई तो फिर गुरुवार को भी बाजार में मजबूती जारी रह सकती है.
टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 22,500 और 22,200 मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है. जब तक बाजार इससे ऊपर है, रिकवरी की उम्मीद बनी रहेगी. वहीं ऊपर की ओर 22,800 अंक एक रेसिस्टेंस है. अगर निफ्टी इसे पार कर लेता है, तो फिर 23,000 की तरफ बढ़ सकता है.
ट्रंप कर सकते हैं ये ऐलान
लेकिन सबकुछ गुरुवार की सुबह ट्रंप के संबोधन पर निर्भर करेगा. अगर ट्रंप युद्ध समाप्ति की घोषणा करते हैं, तो बाजार में एकतरफा रैली देखने मिल सकती है. दुनियाभर के बाजारों को राहत मिल सकती है, खासकर तेल और गैस को लेकर जो दिक्कतें चल रही हैं, बाजार में तेजी इसलिए भी आ सकती है कि, युद्ध खत्म होने के संकेत से कच्चे तेल कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट की उम्मीद है, हालांकि युद्ध समाप्ति के बावजूद भी सप्लाई सामान्य होने में लंबा वक्त लग सकता है. बाजार अभी मानकर चल रहा है कि ट्रंप दुनिया को राहत की खबर दे सकते हैं.
वहीं अगर ट्रंप युद्ध को लेकर कोई बड़ा ऐलान करते हैं, जैसे कि ग्राउंड लेवल पर युद्ध की घोषणा, ईरान के ठिकानों पर हमले तेज करना या फिर ईरान के कथित परमाणु ठिकानों को टागरेट करना. इन फैसले से शेयर बाजार का मूड बिगड़ा सकता है, जो ग्लोबल इंडेक्स अभी ग्रीन सिग्नल दे रहे हैं, उसका रंग बदलने में चंद मिनट लगेंगे. युद्ध गहराने की स्थिति में बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा. यानी ट्रंप ही गुरुवार को बाजार की दिशा तय करेंगे.
आजतक बिजनेस डेस्क