मिडिल ईस्ट संकट का असर, भारत में थोक महंगाई ने तोड़ा 42 महीने का रिकॉर्ड

अप्रैल 2026 में WPI महंगाई 8.3% पहुंच गई. ईंधन, सोना, दूध और CNG महंगे होने से आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है.

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महंगाई की मार से बढ़ी चिंता (File Photo: ITG) महंगाई की मार से बढ़ी चिंता (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:39 PM IST

वैश्विक संकट का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब, दोनों पर दिखने लगा है. अप्रैल 2026 में देश की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 8.3 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले 42 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. मार्च में यह दर 3.88 प्रतिशत थी, जबकि अप्रैल 2025 में महंगाई केवल 0.85 प्रतिशत दर्ज की गई थी. वहीं, सोने की बढ़ती कीमतें, दूध के महंगे दाम और मुंबई में सीएनजी दरों में इजाफे ने आम लोगों पर महंगाई का ट्रिपल अटैक कर दिया है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव लगातार बढ़ रहा है.

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने थोक महंगाई को ऊपर पहुंचाया है. ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने कहा है कि WPI में यह मासिक बढ़ोतरी अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि में से एक है.

ईंधन एवं बिजली श्रेणी में महंगाई अप्रैल में बढ़कर 24.71 फीसदी हो गई, जो मार्च में सिर्फ 1.05 फीसदी थी. कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई 88.06 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2021 के बाद सबसे ज्यादा है. पेट्रोल की थोक महंगाई अप्रैल में 32.40 प्रतिशत रही, जबकि मार्च में यह 2.50 प्रतिशत थी. हाई-स्पीड डीजल में महंगाई 25.19 प्रतिशत और एलपीजी में 10.92 प्रतिशत दर्ज की गई.

खाद्य वस्तुओं की महंगाई अप्रैल में 1.98 प्रतिशत रही, जो मार्च में 1.90 प्रतिशत थी. गैर-खाद्य वस्तुओं में महंगाई बढ़कर 12.18 प्रतिशत हो गई. विनिर्मित उत्पादों की महंगाई भी मार्च के 3.39 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 4.62 प्रतिशत पहुंच गई. धातु, रसायन और वस्त्र उद्योगों में लागत बढ़ने का असर साफ दिखाई दिया.

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हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सरकार ने अब तक पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी के खुदरा दाम स्थिर रखे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ न पड़े.

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की निदेशक मेघा अरोड़ा ने कहा कि ऊंची ऊर्जा कीमतों का असर आने वाले महीनों में और दिखाई देगा. मई 2026 में WPI महंगाई 9 फीसदी तक पहुंच सकती है. वहीं, शाश्वत सिंह ने कहा कि लॉजिस्टिक्स, मालभाड़ा और कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी अब उद्योगों की लागत पर दबाव बना रही है, जिसका असर आगे चलकर उपभोक्ता महंगाई पर भी पड़ सकता है.

बार्कलेज ने अनुमान जताया है कि मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, उसने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (MPC) फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव से बच सकती है और पूरे 2026 में ‘पॉज’ की स्थिति बनाए रख सकती है. 

मुंबई में सीएनजी के दाम बढ़े 

मुंबई में गुरुवार को CNG के दाम बढ़ाए गए. महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है. इसके बाद मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत अन्य मुंबई महानगर क्षेत्रों में ये 82 रुपये से बढ़कर अब 84 रुपये प्रति किलो हो गई है. सीएनजी की नई कीमतें भी 14 मई से लागू हो गई हैं.

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सोने पर सख्ती

सरकार ने सोने के आयात पर सख्ती बढ़ा दी है. कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने के एक दिन बाद, 14 मई को सरकार ने एडवांस ऑथराइजेशन (AA) स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री सोने के आयात की सीमा 100 किलो तय कर दी. सरकार का कहना है कि कुछ जगह इस सुविधा के गलत इस्तेमाल की आशंका थी, इसलिए अब निगरानी और नियमों को सख्त किया गया है, जिससे ड्यूटी-फ्री आयात का फायदा केवल सही तरीके से निर्यात करने वाले कारोबारियों को ही मिले.

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