साइज बराबर फिर भी अमेरिकी घर लगते हैं बड़े, भारत में हम कहां करते हैं गलती

क्या आप जानते हैं कि समान क्षेत्रफल होने के बावजूद भारतीय घर अमेरिकी घरों के मुकाबले छोटे क्यों महसूस होते हैं? इसके पीछे जमीन की कमी नहीं बल्कि आपके घर के अंदर छिपे वो विजुअल विलेन हैं जो आपकी आंखों को धोखा देते हैं.

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जानिए क्यों एक जैसा एरिया होने के बाद भी घर तंग लगता है (Photo: Pixabay) जानिए क्यों एक जैसा एरिया होने के बाद भी घर तंग लगता है (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:53 AM IST

अगर आपने कभी अमेरिकी घरों की तस्वीरें या वीडियो देखे हों, तो एक सवाल मन में जरूर आता है कि वहां के घर इतने खुले और बड़े क्यों दिखते हैं, जबकि भारत के घर छोटे दिखते हैं. लेकिन सच्चाई तो ये है कि दोनों घरों का साइज बराबर भी हो तो भी वहां के घर बड़े दिखते हैं. 

असल में इसकी वजह जमीन की कमी नहीं, बल्कि हमारे रहने का तरीका, फर्नीचर का चुनाव और डिजाइन से जुड़ी कुछ बुनियादी वजहें हैं. उन कारणों को समझना जरूरी है जिनसे घर सिकुड़े हुए नजर आते हैं और वे तरीके भी जिनसे घर को ग्रैंड लुक दिया जा सकता है.

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क्यों छोटे लगते हैं हमारे घर?

भारतीय घरों में सबसे बड़ी समस्या भारी फर्नीचर और बॉक्स स्टोरेज का बोझ है. यहां सामान सहेजने के लिए बेड के नीचे बड़े बॉक्स और भारी अलमारियां बनवाने का पुराना चलन है, जो कमरे के फर्श को पूरी तरह ढंक देते हैं. इसके विपरीत, अमेरिका में स्लीक और हल्के फर्नीचर का उपयोग होता है, जिससे फर्श ज्यादा नजर आता है और कमरा खुला लगता है. देखा जाए तो इस तरह का भारी और चौड़ा फर्नीचर किसी भी कमरे की विजुअल स्पेस को लगभग 30% तक कम कर देता है.

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दिक्कत केवल फर्नीचर तक सीमित नहीं है, बल्कि दीवारों का जाल और निर्माण का तरीका भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है. भारत में प्राइवेसी के नाम पर हर कमरे के बीच मोटी दीवारें और दरवाजे लगाए जाते हैं, जिससे घर कई छोटे टुकड़ों में बंटा नजर आता है. वहीं, ओपन कॉन्सेप्ट वाले घरों में दीवारें कम होती हैं, जिससे नजर दूर तक जाती है और स्पेस बड़ा महसूस होता है. साथ ही, ईंट और कंक्रीट की मोटी दीवारें लकड़ी के फ्रेम वाली अमेरिकी दीवारों के मुकाबले ज्यादा जगह घेरती हैं, जिससे घर का कारपेट एरिया अपने आप कम हो जाता है.

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इसके अलावा, हमारे यहां रंगों और मैटेरियल का बिखराव भी घर को छोटा दिखाता है. अक्सर हर कमरे में अलग रंग की टाइल्स या दीवारों पर अलग-अलग पेंट करवाया जाता है, जिससे आंखों को बार-बार विजुअल रुकावट मिलती है. जब नजर हर मोड़ पर अलग रंग या मैटेरियल पर जाकर रुकती है, तो दिमाग को वह जगह स्वाभाविक रूप से छोटी महसूस होने लगती है. यही वजह है कि अमेरिकी घरों में इस्तेमाल होने वाला एक जैसा रंग और समान फ्लोरिंग पूरे घर को एक सूत्र में बांधती है और उसे विशालता प्रदान करती है.

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घर को ग्रैंड और बड़ा दिखाने के 5 आसान हैक्स

  • फर्श को दिखने दें- अगर फर्नीचर के नीचे पैर हैं और नीचे का फर्श साफ दिखाई देता है, तो कमरा अपने आप बड़ा और हल्का महसूस होता है.
  • एक जैसा मैटेरियल- पूरे घर में एक ही तरह की फ्लोरिंग और दीवारों पर एक ही जैसा हल्का रंग रखें. इससे नजर को कोई रुकावट नहीं मिलेगी और घर काफी फैला हुआ लगेगा.
  • लाइटिंग का सही चुनाव- सिर्फ एक तेज छत वाली लाइट के बजाय 'एक्सेंट लाइटिंग' का इस्तेमाल करें. यह कमरे में गहराई पैदा करता है जिससे जगह बड़ी लगती है.
  • बड़ी खिड़कियां और ग्लास- खिड़कियों को जितना संभव हो बड़ा और 'एंड-टू-एंड' रखें. अगर दो कमरों के बीच की दीवार के ऊपरी हिस्से में कांच का उपयोग किया जाए, तो रोशनी की वजह से घर विशाल दिखता है.
  • हल्के रंगों का उपयोग- सफेद, बेज या लाइट ग्रे जैसे रंग रोशनी को बेहतर रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे घर खुला-खुला और हवादार महसूस होता है.
     
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