मुंबई को लोग सपनों का शहर कहते हैं, लेकिन आज के दौर में यह शहर रईसों का पसंदीदा 'हब' बन चुका है. आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन मुंबई का लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट इस समय जिस रफ्तार से भाग रहा है, उसने लंदन और सिंगापुर जैसे बड़े शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है. रईसों के बीच यहां घर खरीदने की ऐसी होड़ मची है कि 100-100 करोड़ रुपये के फ्लैट और पेंटहाउस चुटकियों में बिक रहे हैं. आंकड़े तो और भी हैरान करने वाले हैं, पूरे भारत में जितने भी सुपर लग्जरी घर बिकते हैं, उनमें से लगभग 88% अकेले मुंबई में खरीदे जा रहे हैं. आखिर ऐसा क्या जादू है कि दुनिया भर में आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद मुंबई की जमीन सोना उगल रही है? आइए, रईसों की इस पॉवर गेम के पीछे छिपे असली कारणों को विस्तार से समझते हैं.
मुंबई आज जो वैश्विक पहचान हासिल कर रही है, वह रातों-रात नहीं मिली. यह बरसों की मेहनत और विकास का नतीजा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए रिसर्च बताते हैं कि मुंबई दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है जहां लग्जरी घरों की कीमतें सबसे तेजी से बढ़ रही हैं. लेकिन यहां सिर्फ रैंकिंग की बात नहीं है, असली बात तो ग्राहकों का भरोसा है. साल 2024 के आंकड़े देखें तो देश में 40 करोड़ रुपये से महंगे बिकने वाले 59 घरों में से 52 घर अकेले मुंबई के थे. इनमें से 16 घरों की कीमत तो 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा थी.
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रईसों ने लुटाए ₹28,000 करोड़
मुंबई की बादशाहत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2025 में यहा के लग्जरी मार्केट ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. रईसों ने मायानगरी के आलीशान घरों पर जिस तरह से पैसा लुटाया है, उसने सबको हैरान कर दिया है. आंकड़े गवाह हैं कि साल के शुरुआती 6 महीनों में ही 10 करोड़ से ऊपर वाले घरों की बिक्री का आंकड़ा 14,750 करोड़ रुपये के पार निकल गया. वहीं, अगर पिछले एक साल का हिसाब देखें, तो यह कुल लेनदेन करीब 28,750 करोड़ रुपये रहा है. आज बांद्रा वेस्ट, प्रभादेवी और तारदेव जैसे इलाकों में घर खरीदना रईसों के लिए एक बड़ा स्टेटस सिंबल बन चुका है.
घर नहीं, स्टेटस और सुरक्षा खरीद रहे लोग
आखिर लोग मुंबई में इतना पैसा क्यों लगा रहे हैं? इसकी बड़ी वजह यह है कि लग्जरी घर खरीदना अब सिर्फ रहने का इंतजाम नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश बन गया है. रईसों को मुंबई की आर्थिक मजबूती और यहां की जमीन की कीमत पर पूरा भरोसा है. दक्षिण मुंबई जैसे इलाके आज भी अपनी खास पहचान बनाए हुए हैं क्योंकि यहां जमीन कम है और मांग बहुत ज्यादा.
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आज का खरीदार सिर्फ चारदीवारी में निवेश नहीं कर रहा, बल्कि वह उस इलाके के भविष्य और अपनी लाइफस्टाइल पर दांव लगा रहा है. मुंबई अब न्यूयॉर्क और हांगकांग जैसे ग्लोबल शहरों की लिस्ट में खड़ी है, जहां घर खरीदना एक 'स्टेटस सिंबल' होने के साथ-साथ संपत्ति को सुरक्षित रखने का सबसे बढ़िया तरीका माना जाता है.
(उपरोक्त लेख वेंकटेश गोपालकृष्णन द्वारा लिखा गया है, जो शापूरजी पल्लोनजी रियल एस्टेट (SPRE) के प्रबंध निदेशक और ग्रुप प्रमोटर्स ऑफिस के निदेशक हैं. यहां व्यक्त किए गए विचार उनके निजी हैं और इंडिया टुडे ग्रुप के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं)
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