साल 2025 में भारत के रिएल एस्टेट बाजार में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है. CBRE की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार महंगे और लग्जरी घरों की बिक्री सबसे ज्यादा रही. 'इंडिया मार्केट मॉनिटर Q4 2025' रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में हुई कुल घरों की बिक्री में लग्जरी घरों की हिस्सेदारी लगभग 27% रही. यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि साल 2022 के मुकाबले महंगे घरों की डिमांड अब दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ चुकी है. भारतीय प्रॉपर्टी बाजार में अब प्रीमियम घरों की मांग ने बाकी सभी श्रेणियों को पीछे छोड़ दिया है.
CBRE के अनुसार, महंगे घरों की बिक्री बढ़ने के पीछे मुख्य कारण लोगों की आमदनी में बढ़ोतरी, प्रवासी भारतीयों की भारी मांग और बड़े घरों के प्रति बढ़ता आकर्षण है. लोग अब ऐसे घर चाहते हैं, जहां बेहतर सुविधाएं और आधुनिक लाइफस्टाइल मिले. यही वजह है कि 2022 में जिस सेगमेंट की हिस्सेदारी मात्र 12% थी, वह 2025 में बढ़कर 26.8% हो गई है. यह शहरों में घर खरीदने वालों की पसंद में आए एक बड़े बदलाव को दर्शाता है.
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किस शहर में कितनी है 'लग्जरी घर' की कीमत?
रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में 'हाई-एंड' या लग्जरी घरों की परिभाषा कीमत के आधार पर अलग है, मुंबई और दिल्ली-NCR में ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ के बीच के घर हैं. वहीं बेंगलुरु और हैदराबाद में ₹1.5 करोड़ से ₹2.5 करोड़ के बीच के घर हैं. पुणे, चेन्नई और कोलकाता में ₹1.25 करोड़ से ₹2.5 करोड़ के बीच के घर हैं.
CBRE के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहते हैं - 'रिएल एस्टेट बाजार अब गुणवत्ता और वैल्यू पर आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है. महंगे घरों का सबसे बड़ा सेगमेंट बनना यह दिखाता है कि खरीदार अब अधिक समझदार हो गए हैं, वे अब घर खरीदते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, लंबे समय तक टिकने वाली क्वालिटी और संपत्ति के स्तर को प्राथमिकता दे रहे हैं. आने वाले समय में घरों की सप्लाई भी इसी मांग और डिलीवरी की वास्तविकता के हिसाब से बनी रहेगी.'
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हाई-एंड घरों के साथ-साथ, सुपर लग्जरी घरों की डिमांड में भी साल 2025 के दौरान 70% की जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. सिर्फ अक्टूबर से दिसंबर की आखिरी तिमाही की बात करें, तो सालाना आधार पर इसमें 62% का उछाल देखा गया.
बदलाव के पीछे की वजह
CBRE इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव कुमार ने बताया 'बिल्डर्स अब खरीदारों की बदलती पसंद के हिसाब से घर बना रहे हैं. अब बाजार ज्यादा परिपक्व हो गया है, जहां खरीदार सस्टेनेबल डिजाइन और टेक्नोलॉजी से लैस घरों को पसंद कर रहे हैं. साथ ही, बेहतर आर्थिक स्थितियों और जीएसटी के आसान नियमों ने भी घर खरीदारों का भरोसा बढ़ाया है.
अक्टूबर-दिसंबर 2025 के आंकड़े
CBRE ने अपनी रिपोर्ट में गौर किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव की वजह से कुछ खरीदार फिलहाल 'रुको और देखो' की नीति अपना सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद हाउसिंग मार्केट की बुनियादी स्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है.
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