चीन के मुख्य शहरों में दिसंबर के महीने में भी घरों की कीमतों में गिरावट का सिलसिला काफी तेज रहा, जो चीन की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ा कर रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के 70 प्रमुख शहरों में नए घरों के दाम औसतन 0.4 प्रतिशत तक गिर गए हैं. यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है और इससे पता चलता है कि चीन का प्रॉपर्टी बाजार फिलहाल गहरे संकट में है.
कीमतों में आई इस कमी की मुख्य वजह लोगों की घटती आमदनी और नौकरियों को लेकर अनिश्चितता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक लोगों के पास रोजगार और खर्च करने की क्षमता नहीं बढ़ेगी, तब तक वे नया घर खरीदने का रिस्क नहीं लेंगे. यही कारण है कि भारी कोशिशों के बावजूद प्रॉपर्टी बाजार में सुधार नहीं दिख रहा है और खरीदार बाजार से दूरी बनाए हुए हैं.
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चीन के अधिकारियों ने घरों की कीमतों में गिरावट को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, लेकिन अब तक उनका कोई खास असर नहीं दिखा है. पिछले साल स्थानीय सरकारों ने बाजार को सहारा देने के लिए 500 से अधिक उपाय किए, यहां तक कि बीजिंग और शंघाई जैसे बड़े शहरों ने भी घर खरीदने पर लगी उन पाबंदियों को हटा दिया है जो प्रॉपर्टी की भारी तेजी के दौरान लगाई गई थीं. हाल ही में चीन की मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि टियांजिन (Tianjin) के अधिकारियों ने बिल्डरों को निर्देश दिया है कि वे घरों के दामों में बहुत बड़ी कटौती न करें, ताकि गिरती कीमतों को स्थिर किया जा सके.
पिछले महीने हुई वार्षिक आर्थिक कॉन्फ्रेंस में नीति निर्माताओं ने रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिर करने का वादा तो किया, लेकिन वे उन ठोस उपायों की घोषणा करने से पीछे रह गए जिन्हें विशेषज्ञ बाजार की वापसी के लिए सबसे जरूरी मान रहे थे.
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चीन के बड़े शहरों में गिरे दाम
चीन के चार सबसे बड़े शहरों जो आर्थिक रूप से अधिक विकसित हैं और जहां घरों की मांग आमतौर पर सबसे अधिक रहती है,. वहां पिछले महीने नए घरों की कीमतों में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई. हालांकि, यह नवंबर की 0.5 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले थोड़ी कम है. इन चारों महानगरों में शंघाई इकलौता शहर रहा जहां कीमतों में 0.2 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई, जबकि बीजिंग, गुआंगझू और शेनझेन में कीमतें क्रमश- 0.4%, 0.6% और 0.5% तक गिर गईं.
टियर-2 और टियर-3 शहरों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, जहां कीमतों में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, वहीं, पुराने घरों की कीमतों में, जो बाजार की असली मांग को बेहतर तरीके से दर्शाती हैं, नवंबर के मुकाबले 0.7 प्रतिशत और पिछले साल की तुलना में 6.1 प्रतिशत की भारी कमी आई है.
चीन का रियल एस्टेट सेक्टर, जो कभी देश की कुल अर्थव्यवस्था (GDP) का लगभग एक-चौथाई हिस्सा हुआ करता था, साल 2020 के अंत से ही लगातार मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस मंदी की शुरुआत तब हुई थी जब बीजिंग ने बिल्डरों के कर्ज पर लगाम लगाने और ओवरहीटेड बाजार को ठंडा करने के लिए "थ्री रेड लाइन्स" (Three Red Lines) नीति लागू की थी.
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