भारतीय रियल एस्टेट बाजार ने पिछले कुछ सालों में एक बड़ा बदलाव देखा है. 2026 की शुरुआत के साथ, निवेशकों के सामने यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि वे छोटे और किफायती 2BHK फ्लैट्स में पैसा लगाएं या बड़े और आरामदायक 3BHK की ओर रुख करें. रियल एस्टेट बाजार के विशेषज्ञों और नाइट फ्रैंक (Knight Frank) जैसी संस्थाओं की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, निवेश का फैसला अब केवल बजट पर नहीं, बल्कि बदलती कार्य संस्कृति और 'हाइब्रिड वर्क मॉडल' पर आधारित हो गया है. निवेश की दृष्टि से दोनों ही विकल्पों के अपने विशिष्ट वित्तीय लाभ और चुनौतियां हैं, जिन्हें जानना जरूरी है .
2BHK फ्लैट्स को पारंपरिक रूप से रियल एस्टेट का 'लिक्विड एसेट' माना जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण इनकी पहुंच और सामर्थ्य है. मध्यम वर्गीय परिवारों और युवा पेशेवरों के लिए 2BHK खरीदना और किराए पर लेना दोनों ही आसान होता है. निवेश के दृष्टिकोण से, 2BHK में प्रवेश लागत कम होती है, जो नए निवेशकों के लिए जोखिम को कम करती है. अगर हम रेंटल यील्ड (Rental Yield) की बात करें, तो मैजिकब्रिक्स (MagicBricks) के डेटा के अनुसार, महानगरों में 2BHK पर वार्षिक रिटर्न अक्सर 3% से 3.5% के बीच रहता है. यह 3BHK की तुलना में प्रतिशत के मामले में काफी बेहतर है, क्योंकि कम निवेश पर अधिक किराया वसूलना आसान होता है.
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3BHK की बढ़ी है मांग
दूसरी ओर, 3BHK फ्लैट्स की मांग में महामारी के बाद से एक जबरदस्त उछाल देखा गया है. एनरॉक (Anarock) प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स की 2025-26 की रिपोर्ट बताती है कि अब 45% से अधिक घर खरीदार बड़े घरों की तलाश में हैं. 3BHK केवल रहने की जगह नहीं रह गया है, बल्कि इसमें एक अतिरिक्त कमरा होम-ऑफिस, जिम या बच्चों के स्टडी रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
हालांकि इसमें निवेश की राशि बड़ी होती है, लेकिन लंबी अवधि में 'कैपिटल एप्रिसिएशन' (Capital Appreciation) यानी संपत्ति के मूल्य में वृद्धि 3BHK में कहीं अधिक देखी जाती है. बड़े फ्लैट्स की रीसेल वैल्यू अक्सर प्रीमियम इलाकों में छोटे फ्लैट्स के मुकाबले तेजी से बढ़ती है.
किराये की स्थिरता के मामले में 3BHK एक सुरक्षित दांव साबित होता है. 2BHK में अक्सर बैचलर्स या युवा जोड़े रहते हैं, जो नौकरी बदलने या शहर बदलने पर जल्दी घर खाली कर देते हैं. इसके विपरीत, 3BHK को बड़े परिवार किराए पर लेते हैं जिनके बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं और वे कम से कम 3 से 5 साल तक एक ही स्थान पर टिकना पसंद करते हैं. इससे मकान मालिक को बार-बार नया किरायेदार खोजने की मेहनत और ब्रोकरेज के खर्च से बचत होती है. हालांकि, यह भी सच है कि 3BHK का रखरखाव और संपत्ति कर (Property Tax) 2BHK की तुलना में काफी अधिक होता है, जो शुद्ध मुनाफे में थोड़ी कटौती कर सकता है.
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लोकेशन देखकर लें फैसला
लोकेशन इस निर्णय में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अगर आप किसी प्रमुख आईटी हब या कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट के 2-3 किलोमीटर के दायरे में निवेश कर रहे हैं, तो 2BHK एक 'गोल्डन डक' साबित होगा क्योंकि वहां वर्किंग प्रोफेशनल की भीड़ हमेशा बनी रहती है. लेकिन अगर आपका निवेश किसी उभरते हुए सबअर्बन इलाके में है, जहां कनेक्टिविटी अच्छी है और स्कूल-अस्पताल पास हैं, तो 3BHK अधिक समझदारी भरा विकल्प है. उपनगरों में लोग अक्सर 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' के लिए आते हैं और वे बड़े घरों के लिए प्रीमियम कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं.
2026 के वित्तीय परिदृश्य को देखें तो होम लोन की ब्याज दरें और टैक्स बेनिफिट्स भी बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं. आयकर अधिनियम की धारा 24 और 80C के तहत मिलने वाले लाभों का अधिकतम उपयोग तब किया जा सकता है, जब निवेश की राशि अधिक हो, इसके अलावा, आजकल के 'इंटीग्रेटेड टाउनशिप' में 3BHK खरीदने पर अक्सर क्लब हाउस सदस्यता और पार्किंग जैसी सुविधाएं बेहतर मिलती हैं, जो भविष्य में संपत्ति की कीमत बढ़ाने में सहायक होती हैं.
अगर आप नियमित मासिक आय चाहते हैं और कम जोखिम तो 2BHK आपके लिए आदर्श निवेश है, अगर आप एक गंभीर निवेशक हैं जो 10 साल या उससे अधिक समय के लिए पूंजी निर्माण देख रहे हैं और आपके पास शुरुआती पूंजी पर्याप्त है, तो 3BHK में निवेश करना एक दूरदर्शी निर्णय होगा, निवेश करने से पहले बिल्डर की विश्वसनीयता और प्रोजेक्ट का रेरा (RERA) पंजीकरण अनिवार्य रूप से जांचें.
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