टाटा की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. इसके नासिक ब्रांच में कर्मचारियों को हिंदू से मुस्लिम धर्म में परिवर्तित करने की कोशिश और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है, जिसमें HR समेत कुछ कर्मचारियों की भूमिका पाई गई है और अब इनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है. पुलिस को ऐसी आशंका है कि इनके खातों में आउटसोर्स से फंडिंग मिली हो.
लेकिन क्या आपको पता है भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल Tata Consultancy Services (TCS) में कर्मचारियों की सैलरी क्या है? इस कंपनी में लाखों कर्मचारी अलग-अलग पदों पर काम करते हैं. सैलरी का स्ट्रक्चर यहां अनुभव, स्किल, लोकेशन और रोल के हिसाब से अलग-अलग दिया जाता है.
फ्रेशर्स को कितनी मिलती है सैलरी?
अगर फ्रेशर्स की बात करें तो TCS में एंट्री लेवल सैलरी आमतौर पर 3.3 लाख से 7 लाख सालाना (CTC) रुपये दिया जाता है. कंपनी अपने फ्रेशर्स को अलग-अलग कैटेगरी में हायर करती है, जिसमें Ninja कैटेगरी के कर्मचारियों को ₹3.3–3.6 लाख के बीच सैलरी दी जाती है. इसी तरह डिजिटल और प्राइम कैटेगरी में 7 से 9 लाख रुपये सालाना दिया जाता है.
एंट्री लेवल कर्मचारियों की सैलरी
TCS का सबसे बेसिक एंट्री-लेवल रोल को आमतौर पर 'Assistant System Engineer' कहा जाता है. जिसकी सैलरी (CTC) करीब 3.36 लाख से 3.60 लाख रुपये सालाना है. शुरुआती कर्मचारियों को इन-हैंड सैलरी (PF और Professional Tax काटने के बाद करीब 21,000 रुपये से 23,000 रुपये मंथली होती है. बीपीएस (BPS - Business Process Services) के लिए शुरुआती सैलरी इससे थोड़ी कम 1.8 लाख रुपये से 2.5 लाख सालाना होती है.
मिड लेवल कर्म्चारियों की सैलरी
मिड-लेवल कर्मचारियों (3–8 साल का अनुभव) की सैलरी आमतौर पर 6 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये के बीच होती है. इस स्तर पर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सिस्टम इंजीनियर, बिजनेस एनालिस्ट जैसे रोल आते हैं. जिन कर्मचारियों के पास स्पेशल स्किल्स जैसे क्लाउड, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी या AI का अनुभव होता है, उनकी सैलरी इस रेंज से ऊपर भी जा सकती है.
सीनियर लेवल कर्मचारियों की सैलरी
सीनियर लेवल यानी 8–15 साल का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों की सैलरी और तेजी से बढ़ती है. इस स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजर, टेक्निकल लीड और आर्किटेक्ट जैसे रोल होते हैं, जिनकी सैलरी 15 लाख से 30 लाख रुपये सालाना तक होता है. वहीं, टॉप मैनेजमेंट या बहुत सीनियर पोजिशन यानी 15+ साल अनुभव में यह पैकेज 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जा सकता है.
TCS की खास बात यह है कि कंपनी में केवल बेस सैलरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य फायदे भी मिलते हैं. इनमें हेल्थ इंश्योरेंस, पीएफ, बोनस, ऑनसाइट अपॉर्च्युनिटी और ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल हैं. कई कर्मचारियों को विदेश में काम करने का मौका भी मिलता है, जिससे उनकी कमाई काफी बढ़ जाती है. जहां तक कर्मचारियों की संख्या का सवाल है, TCS में 6 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनियों में शामिल करता है.
टीसीएस के सीईओ की सैलरी
अगर सबसे ज्यादा सैलरी की बात करें तो TCS के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के कीर्थिवासन हैं, जिन्हें वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 26.52 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिला था. इसमें बेसिक सैलरी, भत्ते और एक बड़ा हिस्सा 'कमीशन' के रूप में शामिल होता है.
एन. चंद्रशेखरन की सैलरी
वहीं TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन हैं, जो टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी 'टाटा संस' (Tata Sons) के भी कार्यकारी अध्यक्ष हैं. जिनकी कुल सालाना सैलरी करीब 155.81 करोड़ रुपये है. जिसमें फिक्स्ड सैलरी और भत्ते लगभग 15.12 करोड़ रुपये हैं. वहीं करीब 140.69 करोड़ रुपये कंपनी के मुनाफे पर निर्भर करता है.
आजतक बिजनेस डेस्क