स्‍टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करना पड़ेगा महंगा, 1 अप्रैल से बदल रहा ये नियम

अगर आप शेयर बजार में ट्रेडिंग करते हैं तो आपके लिए 1 अप्रैल से टैक्‍स बढ़ने जा रहा है, जिसका मतलब है कि फ्यूचर एंड ऑप्‍शन में निवेश करने वालों को ज्‍यादा चार्ज देना पड़ेगा.

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शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना महंगा. (Photo: Representative/ITG) शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना महंगा. (Photo: Representative/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं तो आपके लिए एक झटके वाली खबर है. 1 अप्रैल से एक चार्ज बढ़ने जा रहा है, जिसके तहत F&O ट्रेडिंग करने वालों को ज्‍यादा चार्ज देना पड़ेगा. इसका ऐलान केंद्रीय बजट 2026-27 में ही कर दिया गया था, जो 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. यह चार्ज सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (STT) है. 

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सरकार ने बजट के दौरान STT को बढ़ाते हुए कहा था कि रिटेल और छोटे निवेशकों को फ्यूचर और ऑप्‍शन (F&O) में ज्‍यादा फंस रहे हैं और उन्‍हें तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में उन्‍हें रोकने के लिए यह चार्ज बढ़ाया जा रहा है. इस टैक्‍स का उद्देश्‍य रिटेलर्स को सट्टेबाजी करने से रोकना है. 

कितना बढ़ जाएगा ये चार्ज? 
फ्यूचर और ऑप्‍शन (F&O) के तहत सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है. जबकि ऑप्‍शन प्रीमियम पर टैक्‍स और ऑप्‍शन पर एक्‍ससाइज 0.1 फीसदी और 0.125 फीसदी से बढ़कर 0.15 फीसदी हो जाएगा. हर ट्रेड पर यह टैक्‍स लागू होंगे.  

इस कदम के पीछे का तर्क है बताते हुए रेवेन्‍यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्‍तव ने कहा कि यह बढ़ोतरी सिर्फ F&O पर लागू होती है और इस बात पर जोर दिया कि अन्‍य सेक्‍टर्स में STT रेट्स को अनचेंज रखा गया है. श्रीवास्‍तव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्‍य डेरिवेटिव मार्केट में ज्‍यादा से ज्‍यादा सट्टेबाजी पर अंकुश लगाा है.

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सरकार ने क्‍यों बढ़ाया ये टैक्‍स 
उन्‍होंने कहा कि जब आप फ्यूचर एंड ऑप्‍शन में ट्रांजेक्‍शन की मात्रा को देखते हैं, तो यह बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी होती है. जिस कारण अक्‍सर छोटे और रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान होता है. उन्‍होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्‍य सट्टेबाजी को रोकना और डेरिवेटिव सेक्‍टर में मौजूदा सिस्‍टम रिस्‍क का समाधान करना है. श्रीवास्तव ने कहा कि रेट में वृद्धि मूल रूप से इसी दिशा में एक कदम है. बढ़ोतरी के बाद भी, होने वाले लेन-देन की भारी मात्रा की तुलना में एसटीटी दरें मामूली ही रहेंगी.

10 में से 9 लोगों को हो रहा नुकसान
कैप‍िटल मार्केट नियामक सेबी की ओर से एक स्‍टडी से पता चहता है कि इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट में 10 में से 9 से अधिक ट्रेडर्स नुकसान उठा रहे हैं. एसटीटी में बढ़ोतरी पर, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा था कि पहली नजर में तो यह इक्विटी के लिए सकारात्मक है क्योंकि ऑप्शन ट्रेड अधिक महंगे हो जाते हैं. 

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