ये क्या? नए साल में बाजार बम-बम, फिर भी इन निवेशकों ने निकाले ₹7608Cr

FPI Outflow In January Two Days: साल 2026 के शुरुआती सिर्फ दो कारोबारी दिनों में ही विदेशी निवेशकों की बेरुखी देखने को मिली है और उन्होंने भारतीय बाजारों से 7,608 करोड़ रुपये निकाले हैं.

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विदेशी निवेशकों ने दो दिन में ही कर दी तगड़ी बिकवाली (Photo: Reuters) विदेशी निवेशकों ने दो दिन में ही कर दी तगड़ी बिकवाली (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

नए साल की शुरुआत शेयर बाजार (Share Market) के लिए शानदार रही, लेकिन विदेशी निवेशकों के रूख में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. जी हां, एक ओर जहां सेंसेक्स-निफ्टी बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन तूफानी तेजी के साथ क्लोज हुए, जहां Sensex 573 अंक उछलकर 85,762 पर बंद हुआ, तो वहीं Nifty 182 अंक की तेजी लेकर 26,328 पर क्लोज हुआ था. इसके बावजूद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 2026 के शुरुआती सिर्फ दो कारोबारी दिनों में ही 7,608 करोड़ रुपये की तगड़ी बिकवाली कर डाली. 

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2025 का निकासी का सिलसिला जारी
साल 2026 की शुरुआत में भी विदेशी निवेशक सतर्क मोड में नजर आ रहे हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाजार में लौटी तेजी का भी उनपर कोई असर नहीं दिखा है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी महीने के शुरुआत महज दो दिनों में ही FPIs Sell Off का आंकड़ा 7,608 करोड़ रुपये रहा है. इससे पहले बीते साल 2025 में भी विदेशी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की थी. 

बीते साल इतनी बिकवाली
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली की थी और पूरे साल FPI की निकासी का आंकड़ा 1.66 लाख करोड़ रुपये रहा था. हालांकि, उस समय एफपीआई की निकासी के पीछे कई कारण शामिल थे. इनमें डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता रुपया (Rupee Fall Against Dollar),  डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के चलते ग्लोबल ट्रेड टेंशन और इसके चलते दुनियाभर के शेयर बाजारों में दबाव शामिल था. 

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इस साल पलट सकती है बाजी!
भले ही साल की शुरुआत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी रहा, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल बाजी पलट भी सकती है. पीटीआई की रिपोर्ट में जियोजीत इन्वेस्टमेंट के चीफ निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि Indian Economy की शानदार इकोनॉमिक ग्रोथ, के साथ ही कॉर्पोरेट प्रॉफिट में सुधार से बाजार से दूर जा रहे विदेशी निवेशक वापस लौट सकते हैं. 

हालांकि, उनका ये भी कहना है कि एफपीआई का रुख ग्लोबल आर्थिक परिस्थितियों के साथ ही शेयर बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करेगा. इस बीच बता दें कि बीते कुछ सालों में अक्सर ये देखने को मिला है कि पहले महीने यानी जनवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों सतर्क मोड में रहते हैं और पिछले एक दशक में आठ बार शुरुआती महीने में बिकवाली देखने को मिली है. 

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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