वेस्ट एशिया जंग में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच ग्लोबल मार्केट के तेजी के बाद, बुधवार को भारतीय बाजार में भी शानदार तेजी रही. दो दिनों की तगड़ी गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने बुधवार को अच्छी तेजी दिखाई.
बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 1186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 73,134.32 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ. इस तेजी के कारण निवेशकों ने आज तगड़ी कमाई कर डाली.
निवेशकों की संपत्ति में 11 लाख करोड़ रुपये की तेजी देखने को मिली, क्योंकि बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र में दर्ज किए गए 411 लाख करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपये हो गया.
किन शेयरों में तेजी और किसमें नुकसान?
सेंसेक्स के टॉप 30 में ट्रेंट सबसे तेजी वाला शेयर रहा, जो 6.74% की बढ़त के साथ 3516.75 रुपये का भाव पर आ गया. इंटरग्लोब एविएशन (INDIGO) में 6.22% की तेजी रही, जबकि अडानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और इटरनल में क्रमशः 5.47%, 4.54%, 3.89% और 3.34% की तेजी रही.
वहीं, सन फार्मा, NTPC और पावर ग्रिड उन कंपनियों के शेयरों में 1.64% तक की गिरावट आई. रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी और एक्सिस बैंक सहित पांच शेयरों ने सेंसेक्स की तेजी में अहम योगदान दिया.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि व्यापक खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया, जिसमें मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने लार्ज-कैप शेयरों से बेहतर प्रदर्शन किया. स्थिर रुपये और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने इसमें ज्यादा भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा कि बैंकिंग, केमिकल्स, मेटल्स और रियल्टी सेक्टर सत्र के प्रमुख आउटपरफॉर्मर बनकर उभरे. हालांकि, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और इंट्राडे अस्थिरता ने बढ़त को सीमित कर दिया, जिससे कुल बढ़त जोरदार होने के बजाय संयमित रही. सकारात्मक माहौल के बावजूद, बाजार आगे चलकर बदलते भू-राजनीतिक नजरिए में अचानक होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील बने रह सकते हैं.
सभी प्रमुख सेक्टर्स ने सेशन को पॉजिटिव नोट पर क्लोज किया. बीएसई पीएसयू बैंक सूचकांक 3.66% बढ़कर 4,583.75 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई आईटी सूचकांक 2.40% बढ़कर 28,596.85 पर क्लोज हुआ. एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि तेजी का आगे बढ़ना जमीनी स्तर पर ठोस तनाव कम होने, होर्मुज समेत ऊर्जा आपूर्ति मार्गों के फिर से खुलने और शेयर और कमोडिटी बाजारों में लगातार सामान्य स्थिति बहाल होने पर निर्भर करता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क