शेयर बाजार निवेशकों के लिए सप्ताह के पहला कारोबारी दिन बेहद खराब साबित हुआ. बड़ी गिरावट के साथ ओपन हुआ मार्केट अंत तक क्रैश होता ही चला गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1312 अंक का गोता लगाकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अंत तक संभल नहीं सका और 360 अंकों की गिरावट लेकर कारोबार खत्म किया. इस गिरावट के बीच ज्वेलरी कंपनियों के शेयर भरभराकर टूटे. इनमें Titan, Senco Gold से लेकर Kalyan Jewellers तक के स्टॉक संभल नहीं पाए. बाजार में आए इस भूचाल के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं, जो देश से लेकर विदेशों तक से जुड़े हैं.
अंत तक बिखरते रहे सेंसेक्स-निफ्टी
शेयर मार्केट में मचे हाहाकार के बीच शुरुआत से अंत तक सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स बिखरते ही रहे. BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,328 की तुलना में सोमवार को गिरावट के साथ 76,638 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान ये 75,957 के लेवल तक टूटा था. हालांकि, इस बड़ी गिरावट से मामूली रिकवरी करते हुए बाजार बंद होने पर ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स 76,015 पर क्लोज हुआ. इसमें 1312.91 अंक या 1.70 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
बात निफ्टी इंडेक्स की करें, तो ये 50 शेयरों वाला NSE Nifty अपने पिछले बंद 24,176 की तुलना में टूटकर 23,970 के लेवल पर ओपन हुआ था और सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये दिनभर फिसला. कारोबार के दौरान ये इंडेक्स भी 23,799 के लेवल तक लुढ़ता था, हालांकि अंत में ये 360 अंक या 1.49 फीसदी की गिरावट लेकर 23,815.85 के लेवल पर बंद हुआ.
निवेशकों के 6 लाख करोड़ स्वाहा
Stock Market Crash के चलते शेयर बाजार में निवेश करने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ है. इसका अंदाजा BSE Market Cap में आई गिरावट का आंकड़ा देखकर आसानी से लगाया जा सकता है. दरअसल, बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 473 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था, लेकिन सोमवार की गिरावट के बाद ये फिसलकर 467 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें तो एक झटके में निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए.
इन कारणों से मचा बाजार में हड़कंप
शेयर बाजार में गिरावट के बड़े कारणों के बारे में बात करें, तो ये एक नहीं, बल्कि कई हैं. इनमें अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता के प्रस्ताव पर एक बार फिर से सहमति न बन पाने की वजह भी शामिल है.
पहला कारण: US-Iran के बीच शांति वार्ता का प्रस्ताव एक बार फिर फेल होने से अचानक कच्चे तेल की कीमतों में तेज इजाफा हुआ है. ग्लोबल मार्केट में Brent Crude Oil Price 4.50 फीसदी उछलकर 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया और महंगाई का जोखिम बढ़ने से शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ.
दूसरा कारण: बाजार टूटने में एक दूसरा कारण मिडिल ईस्ट युद्ध की टेंशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना, पेट्रोल-डीजल को लेकर की गई अपील को माना जा सकता है. उन्होंने Middle East War का भारत पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी.
तीसरा कारण: बाजार का सेंटिमेंट खराब करने में ग्लोबल मार्केट का भी अहम रोल रहा. कच्चे तेल कीमत में इजाफे से एशियाई शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते नजर आए थे और Gift Nifty भी शुरुआती कारोबार में 300 अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा था, जिससे भारतीय शेयर बाजार के लिए निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे.
चौथा कारण: भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने में इंडियन करेंसी रुपया (Rupee) का भी अहम रोल रहा, जो सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही 40 पैसे और टूट गया. करेंसी टूटने का सीधा असर शेयर बाजार पर भी दिखा.
पांचवां कारण: शेयर बाजार के लिए डर का पैमाने माने जाने वाले इंडेक्स India VIX में एक बार फिर से तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. ये 12 फीसदी के आसपास उछल कर 18 के पार पहुंच गया है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क