शेयर बाजार में सोमवार को बड़ा क्रैश (Stock Market Crash) देखने को मिला और ये मार्केट क्लोज होने तक जारी रहा. सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर टूटते रहे और इस गिरावट के बीच निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1836 अंक की बड़ी गिरावट लेकर 72,696 पर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने 601 अंक फिसलकर 22,512 पर क्लोजिंग की. इस गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी ग्लोबल टेंशन का बड़ा रोल रहा.
सेंसेक्स-निफ्टी संभल नहीं सके
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,532 की तुलना में गिरावट के साथ 73,732 पर ओपन हुआ था और फिर ये कारोबार आगे बढ़ने के साथ फिसलते ही चला गया. दिन के कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला ये बीएसई इंडेक्स 72,558 तक गया था. हालांकि, मामूली रिकवरी के साथ अंत में Sensex 1836.57 अंक या 2.46 फीसदी की गिरावट लेकर 72,696.39 पर क्लोज हुआ.
निफ्टी का हाल भी सेंसेक्स जैसा ही रहा. पिछले शुक्रवार के अपने बंद 23,114 की तुलना में ये 22,824 पर ओपन हुआ और फिर अंत में ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी 601.85 अंक फिसलकर 22,512.65 पर बंद हुआ.
निवेशकों की इतनी रकम डूबी
शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स शुरुआत से अंत तक संभल नहीं पाए और इस गिरावट के चलते शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते शुक्रवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 426 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था, जो सोमवार को बाजार बंद होने पर घटकर 414 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों की करीब 12 लाख करोड़ रुपये की रकम स्वाहा हो गई.
शेयर बाजार क्रैश के बड़े कारण
पहला: मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे का सिलसिा जारी है. हालांकि, ये बहुत अधिक नहीं बदला, लेकिन फिर भी तेजी के साथ 112.9 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया. सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल भारत के लिए Crude Price Hike से चिंता बढ़ी है और इसका असर बाजार पर दिखा है.
दूसरा: शेयर बाजार के डर के पैमाने India VIX में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है और ये 15 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 26 के स्तर पर पहुंच गया है. इस इंडेक्स का बढ़ना आने वाले समय में निवेशकों के बीच घबराहट और जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति को दर्शाता है.
तीसरा : मिडिल ईस्ट में युद्ध बढ़ने से एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है और इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल रहा है. जापान, कोरिया से हांगकांग तक के मार्केट करीब 4-5 फीसदी तक क्रैश हुए और निगेटिव संकेतों के बीच बाजार का सेंटीमेंट ऐसा बिगड़ा कि अंत तक संभल नहीं सका.
चौथा: रुपये में जारी गिरावट ने भी शेयर बाजार निवेशकों के सेंटीमेंट को खराब किया है. सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही डॉलर के मुकाबले रुपया 93.92 पर आ गया.
पांचवां: रुपये में जारी गिरावट ने भी शेयर बाजार निवेशकों के सेंटीमेंट को खराब किया है. सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही डॉलर के मुकाबले रुपया 93.92 पर आ गया. ये भारतीय करेंसी का नया रिकॉर्ल लो-लेवल है. करेंसी टूटने और डॉलर के मजबूत होने ने भी शेयर बाजार में गिरावट की रफ्तार को तेज करने में बड़ी भूमिका निभाई.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क