अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरा करने वाले हैं. इस बीच, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को अमेरिका की इच्छा जाहिर की और कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपनी डील को बहुत महत्व दे रहा है और इससे भी मजबूत संबंध बनाने के लिए उत्साहित है.
गोर ने यह भी ऐलान किया कि भारतीय कंपनियां टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्यूटिकल्स समेत कई सेक्टर में अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश करने की योजना बना रही हैं. गोर ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लीडरशिप में निवेश रिकॉर्ड स्तर पर संयुक्त राज्य अमेरिका में वापस आ रहा है.
उन्होंने कहा कि 12 भारतीय कंपनियों ने एक ही दिन में 1.1 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है. इसमें वे 12 भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्होंने आज ही 1.1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है. ये डील अमेरिका में बड़े स्तर पर रोजगार पैदा करेगी और सप्लाई चेन मजबूत होगी.
सर्जियो गोर ने अपनी पोस्ट में क्या कहा?
गोर ने कहा कि ये निवेश दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को दिखाता है. यह इस बात का सबूत है कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ व्यापार करते हैं तो सभी को फायदा होता है.
एक अलग पोस्ट में गोर ने कहा कि भारत में अपने अच्छे मित्र, विदेश मंत्री रूबियो का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं. संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ अपनी बढ़ती साझेदारी को बहुत महत्व देता है और हम ऐसे मजबूत संबंध बनाने के लिए उत्साहित हैं जिनसे हमारे दोनों देशों और दुनिया को लाभ होगा. जल्द ही मिलते हैं विदेश मंत्री जी.
बहुत करीब अमेरिका-भारत की डील
इस बीच, अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के 'बहुत करीब' हैं और उन्हें आखिरी बाधा को पार करने की आवश्यकता है. हम विश्व मंच पर भारत के महत्व से भलीभांति परिचित हैं. मेरा मानना है कि उस व्यापार समझौते का अंतिम समाधान होना बेहद जरूरी है. हम महीनों से यही कहते आ रहे हैं कि हम समझौते के बेहद करीब हैं, और मुझे लगता है कि हम वाकई बेहद करीब हैं. लेकिन हमें बस आखिरी बाधा को पार करना है.
उन्होंने कहा कि मेरे पास इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि यह कब होगा, लेकिन मैं फिर से दोहरा सकता हूं कि मुझे विश्वास है कि हम इसके बहुत करीब हैं. यह महत्वपूर्ण है कि हम इस पर अंतिम निर्णय लें और इस पर हस्ताक्षर करके अपने एजेंडे में शामिल अन्य मुद्दों पर आगे बढ़ें.
इसमें कोई शक नहीं कि भारत दुनिया की महान शक्तियों में से एक है. भारत की जनसंख्या इस समय दुनिया में सबसे अधिक है और भारत में आर्थिक क्षमता की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सच कहें तो, कई दशकों तक भारत द्वारा अपनाए गए आर्थिक मॉडलों के कारण यह क्षमता पूरी तरह से साकार नहीं हो पाई, लेकिन भारत अब बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास करने और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए तैयार है.
आजतक बिजनेस डेस्क