भारत का Plan-B तैयार... मिडिल ईस्ट जंग पर PM मोदी बोले- संकट है, लेकिन घबराना नहीं

PM Narendra Modi ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के दुनिया की इकोनॉमी पर लंबे समय तक असर रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि हमें कोरोना काल की तरह एक जुट और तैयार रहकर चुनौतियों का सामना करना होगा.

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मिडिल ईस्ट युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (Photo: Screengrab) मिडिल ईस्ट युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (Photo: Screengrab)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) जारी है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष 24वें दिन में एंट्री ले चुका है. इस बीच होर्मुज बंद होने से दुनिया के कई देशों में तेल-गैस संकट गहराया हुआ है, खासतौर पर उन देशों में जो ऊर्जा के आयात पर निर्भर हैं. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में खुलकर बात की और युद्ध के असर के साथ ही सरकार के इससे निपटने के प्रयासों या कहें चुनौतियों से निपटने के लिए प्लान-बी के बारे में भी बताया. 

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वेस्ट एशिया के हालात चिंताजनक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Middle East War पर बात करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक. कच्चे तेल, गैस की जरूरत का ज्यादातर हिस्सा यहीं से आता है. लेकिन युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना चुनौतीपूर्ण हो गया है. भारत की बात करें, देश में क्रूड, गैस से लेकर फर्टिलाइजर्स का आयात इन देशों से होता है और LPG का 60 फीसदी आयात किया जाता है.

मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज में रुकावट मंजूर नहीं है. सरकार वहां से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि स्थितियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और सरकार पूरी तरह से सतर्क मोड में है. 

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भारत की इकोनॉमी मजबूत 
पीएम मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर असर और भारत भी खाड़ी देशों में हालात पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि एनर्जी इकोनॉमी की रीढ़ है और इसका बड़ा ग्लोबल सोर्स वेस्ट एशिया है, जो वर्तमान संकट से प्रभावित हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर असर कम से कम हो इसलिए सरकार की ओर से रणनीति के साथ निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने भारत की इकोनॉमी (Indian Economy) को मजबूत करार दिया. 

काम कर रहा सरकार का ये Plan-B
तेल-गैस संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने उस प्लान बी का जिक्र भी किया, जिससे भारत में आपूर्ति को सुनिश्चित रखने में मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि हमने लगातार अपने आयात को डाइवर्सिफाई किया है. पहले भारत सिर्फ 27 देशों से एनर्जी आयात करता था, लेकिन अब ये आंकड़ा बढ़कर 41 हो चुका है. इसके अलावा हमारी रिफाइनरी क्षमाता में भी इजाफा हुआ है. आंकड़े शेयर करते हुए पीएम ने बताया कि भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल का रिजर्व है. हमारा लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन का है. हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें.

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मौजूदा संकट के बारे में जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में एलपीजी के उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा है. बीते एक दशक में एथेनॉल उत्पादन में तेजी पर काम हुआ है और इसकी वजह से कम पेट्रोल खरीदना पड़ा है. PM Modi ने बताया कि फिलहाल देश में 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम उपलब्ध है. हमने वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों की ओर कदम आगे बढ़ाए हैं औ ये भारत का भविष्य सुरक्षित करेंगे. 

खाद की किल्लत पर बोले पीएम
तेल-गैस संकट के अलावा युद्ध से प्रभावित हुए खाद के आयात पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की. उन्होंने खेती-किसानी पर Middle East War के प्रभाव को लेकर कहा कि खरीफ सीजन की ठीक से बुवाई हो सके इसके लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था है. उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने कभी भी किसानों में पर किसी भी संकट का बोझ नहीं पड़ने दिया. कोरोना के समय जब दुनिया में खाद की बोरी 3,000 रुपये तक पहुंच गई थी, तब भी भारत में ये 300 रुपये में उपलब्ध कराई गई थी. 

प्रधानमंत्री के मुताबिक, खाद के आयात में भी विविधिकरण किया गया है. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम परिस्थितियों का सही तरह से सामना करेंगे और किसानों की हर संभव मदद सरकार करती रहेगी. उन्होंने ऐसे समय में राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि कालाबाजारी करने वालों की मॉनिटरिंग जरूरी है और उनपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. 

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