KSE Crash: ईरान-इजरायल में युद्ध से पाकिस्तान बर्बाद, 1 घंटे के लिए बाजार ठप... मचा हाहाकार!

Pakistan Stock Market Crash: ग्लोबल टेंशन की वजह से पाकिस्तानी शेयर बाजार में भगदड़ मच गया है. अचानक बड़ी गिरावट के बाद अस्थायी रूप से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. एक झटके में Karachi 100 (KSE) इंडेक्स -9.68% फीसदी लुढ़क गया. इतना तो अमेरिका और इजरायल का बाजार भी नहीं गिरा.

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ईरान पर हमले से पाकिस्तानी शेयर बाजार में कोहराम. (Photo: ITG) ईरान पर हमले से पाकिस्तानी शेयर बाजार में कोहराम. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

इजरायल और अमेरिकी हमले से ईरान तबाह हो गया है. मिडिल ईस्ट से बढ़ते तनाव से दुनियाभर में हाहाकार मच गया है. भारत समेत तमाम देशों से मिडिल ईस्ट पहुंचने वाली फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं. इस बीच शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. अमेरिका, चीन, जापान और भारत के बाजार पर दबाव साफ दिख रहा है. लेकिन इस युद्ध से पाकिस्तान का शेयर बाजार एक झटके में बर्बाद हो गया है. 

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दरअसल, 2 मार्च 2026 को Pakistan Stock Exchange में भारी गिरावट दर्ज की गई. बाजार खुलते ही बिकवाली का जबरदस्त दबाव बना और इंडेक्स करीब 10% तक टूट गया. तमाम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हाल के दिनों में पाकिस्तान के शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली थी. 

अचानक बिखर गया पाकिस्तान का बाजार 

प्रमुख बेंचमार्क KSE-100 Index में लगभग 10% की तेज गिरावट आई, कुछ देर के लिए निवेशकों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद बाजार में अस्थायी रूप से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. एक झटके में Karachi 100 (KSE) इंडेक्स -9.68% फीसदी यानी 16,263.63 अंक गिरकर 151,798.55 अंक पर पहुंच गया. 

नियमों के तहत जब बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव होता है तो सर्किट ब्रेकर लागू किया जाता है, ताकि निवेशकों को घबराहट में बड़े पैमाने पर बिक्री से रोका जा सके. करीब एक घंटे के लिए कारोबार बंद रखा गया और बाद में दोबारा शुरू किया गया, लेकिन माहौल कमजोर ही बना रहा. 

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अफगानिस्तान से भी चल रहा है संघर्ष 

इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर सैन्य हमला है. इस युद्ध से पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान होने वाला है. वहीं अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान का संघर्ष चल रहा है, यानी पाकिस्तान पर ईरान-इजरायल युद्ध दोहरा झटका है.

ऐसे में निवेशकों को आशंका है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है. खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग के प्रभावित होने का खतरा है. यही कारण है कि कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है, जिससे आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है. 

इस बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान जैसे उभरते बाजार (Emerging Markets) वैश्विक तनाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं. विदेशी निवेशक जोखिम से बचने के लिए तेजी से पैसा निकालते हैं, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो जाती है. पहले से ही आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक अनिश्चितता का सामना कर रहे पाकिस्तान के लिए यह बाहरी झटका निवेशक विश्वास को और कमजोर कर सकता है.

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