कुछ दिन पहले शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन दो दिनों से इसमें तेजी देखी जा रही है. इस बीच, एक एक्सपर्ट ने बड़ी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि सबसे खराब दौर में निफ्टी 19000 के नीचे आ सकता है और रुपया में भारी गिरावट आ सकती है और यह 110 के लेवल तक गिर सकता है.
इसके साथ ही बर्नस्टीन ने बुधवार को निफ्टी पर नया टारगेट भी दिया है और ऊपर की ओर इसके टारगेट को इस साल के लिए घटाकर 26000 कर दिया है. विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि 2014 से 2021 तक, अक्टूबर 2018 के आसपास मुश्किल से तीन सप्ताह ऐसे थे जब कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई थी.
विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के चरम पर भी, कच्चे तेल की कीमत मार्च-अगस्त 2022 के दौरान 100 डॉलर से ऊपर बनी रही और 2023 की शुरुआत तक गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई. इसने भारत को ज्यादा प्रभावित किया, जो बाहरी झटकों के प्रति भारत की संवेदनशीलता उजागर करती है.
विनाशकारी होंगे परिणाम
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि अगर यह संघर्ष 2026 के अधिकांश समय तक जारी रहता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं. आपूर्ति में जोखिम, डबल डिजिट में महंगाई, 2-3 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर, रुपया 110 से ऊपर और निफ्टी का 19,000 से काफी नीचे जाना. इसका असर होगा कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट में इजाफा कर सकता है, जिससे लोन वसूली भी प्रभावी हो सकती है.
बर्नस्टीन ने कहा कि उसके तेजी के अनुमान के अनुसार, निफ्टी का इस साल की शुरुआत में तय 28,100 के टारगेट मे 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है. मंदी का अनुमान भी पूरी तरह से असंभव नहीं है और इसके चलते मल्टीपल्स में दशकों के निचले स्तर तक गिरावट आ सकती है, जिससे बाजारों को भी भारी नुकसान होगा और निफ्टी इंडेक्स 19000 के स्तर से नीचे भी जा सकते हैं.
भारत के लिए अभी भी मुश्किल
विदेशी फर्म ने कहा कि हमारे अनुमान के अनुसार निफ्टी का टारगेट 26000 है, जो एक मामूली गिरावट है. इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से 13 प्रतिशत की ग्रोथ है और साल की शुरुआत में पहले के टारगेट से 7 फीसदी की गिरावट है.बर्नस्टीन ने कहा कि भले ही युद्ध समाप्त हो जाए, लेकिन भारत के लिए चीजें बदल गई हैं. भारत को हाई ऑयल प्राइस का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही घरेलू सपोर्ट की भी कमी दिखाई दे रही है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क