शेयर बाजार में Nifty50 ने जोरदार तेजी दिखाते हुए 23,000 का आंकड़ा फिर से पार कर लिया है. मंगलवार को निफ्टी 23100 अंक के ऊपर पहुंच गया. आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के अनुसार, निफ्टी डेली RSI पर मजबूत तेजी का संकेत दे रहा है. जबकि कुछ कंपनियों के तिमाही नतीजे अभी भी कमजोर हैं, फिर भी बाजार में तेजी जारी है.
यह तेजी बॉटम से आक्रामक खरीदारी को इंडिकेट करता है. हालांकि आनंद राठी का कहना है कि यह अभी शुरुआती संकेत है. तेजी के लिए 23,100-23,400 के दायरे में बने रहना बाजार के लिए जरूरी है, तभी ट्रेड रिवर्सल कंफर्म हो सकता है.
जब तक ऐसा कोई बड़ा उछाल नहीं आता, तब तक इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और सीमित दायरे में रहने की संभावना है, हालांकि स्थिति धीरे-धीरे सकारात्मक हो रही है. आनंद राठी का कहना है कि शॉर्ट टर्म में पूरा मार्केट स्ट्रक्चरल मिश्रित है, लेकिन उच्च समयावधि में यह तेजी से सकारात्मक हो रही है.
डेली चार्ट पर, लगभग तिगुने तेजी वाले RSI डायवर्जेंस और 22,200 ज़ोन से रिकवरी से पता चलता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और बेस बन रहा है. साप्ताहिक RSI का ज्यादा ओवरसोल्ड स्तरों के करीब पहुंचना यह संकेत देता है कि बाजार नए डाउनट्रेंड की शुरुआत के बजाय बॉटम के करीब हो सकता है.
20,000 लेवल तक जाएगा निफ्टी?
आनंद राठी का कहना है कि निफ्टी के 23,100-23,400 के महत्वपूर्ण लेवल पर बने रहने से बड़ी तेजी आ सकती है. इस क्षेत्र से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट एक मजबूत निचले स्तर की पुष्टि करेगा और तेजी के अगले चरण को गति देगा. निगेटिव नजरिए से देखें तो 22,000-21,700 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट बना हुआ है. हालांकि इससे एक मजबूत आधार बनने की उम्मीद है, लेकिन 21,700 से नीचे टूटने पर और अधिक गिरावट आ सकती है, संभवत: 20,000 तक.
27,000 का लेवल टच करेगा?
अगर सपोर्ट जोन बना रहता है और रेजिस्टेंस जोन से ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो निफ्टी अपनी प्राथमिक अपट्रेंड को फिर से शुरू कर सकता है और धीरे-धीरे 27,000 प्लस के स्तर तक पहुंच सकता है. निवेशकों को धैर्य बनाए रखने और धीरे-धीरे खरीदरी करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ज्यादा निराशा के दौर अक्सर शॉर्ट टर्म असुविधा के बावजूद लॉन्गटर्म लाभ के ज्यादा अवसर पेश करते हैं.
इसके अलावा, ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि निफ्टी50 खाड़ी संकट से व्यापक बाजार की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है और CY26 के तेल बाजारों में एक तिमाही के लिए आपूर्ति में रुकावट से निफ्टी50 की कमाई पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ सकता है. हालांकि बढ़ते जियो-पॉलिटिकल रिस्क से संकेत मिलता है कि निफ्टी का पी/ई निकट भविष्य में 18-19 गुना के बीच कम रह सकता है, जिससे एक साल का फॉरवर्ड टारगेट 27,000 तय होता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क