भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द होने जा रही है. आने वाले कुछ हफ्तों में अंतरिम डील फाइनल हो सकती है. ऐसा संकेत अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को दिया. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत अपनी वार्ताओं से पहले एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं.
दिल्ली में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के सालाना शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, गोर ने विश्वास जताया कि यह समझौता आने वाले हफ्तों और महीनों में पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि व्यापार डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अगर तुलना करें तो यूरोपीय संघ को इसमें लगभग 19 साल लगे थे. हमें विश्वास है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में यह ट्रेड डील अंतिम रूप ले लेगा.
इस समझौते का क्या होगा फायदा
सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का टारगेट द्विपक्षीय व्यापार को इस तरह से आसान बनाना है, जिससे अमेरिकी कारोबारियों और वर्कर्स के लिए लाभकारी अवसर पैदा हों. हमारा मौजूदा अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम रूप देने के लिए विचाराधीन है, जिससे दोनों देशों के लिए तरक्की के दरवाजे खुलेंगे.
उन्होंने कहा कि हम इस डील को फाइनल करने के लिए उत्सुक हैं, जिससे मार्केट पहुंच का विस्तार होगा, बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए ज्यादा निश्चितता पैदा होगी. अगर यह डील सही ढंग से होती है तो यह सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, नए निवेशों को बढ़ावा देगा और समावेशी विकास को गति देगा. जिससे उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा लाभ होगा.
दोनों देशों के बीच बातचीत जारी
अंतरिम समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने वाशिंगटन गया था. अब उम्मीद है कि तकनीकी चर्चाओं के अगले दौर के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत का दौरा करेगा. इसी शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आगामी अमेरिकी दौरे की पुष्टि की और राजदूत के समय-सीमा संबंधी आशावाद का समर्थन किया.
23 मई को मार्को रुबियो आ रहे भारत
जब उनसे पूछा गया कि क्या द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी आगामी भारत यात्रा पर जाएंगे, तो गोयल ने स्पष्ट किया कि वह उनके साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन अगले महीने उनके आने की कुछ योजना है. रुबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू करने वाले हैं, जो देश की उनकी पहली यात्रा होगी और इसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग शामिल होगा.
आजतक बिजनेस डेस्क