Oman डील से भारत के बड़े फायदे... 99% सामानों पर '0' टैरिफ, होर्मुज के एक हिस्से का भी है मालिक

Piyush Goyal का कहना है कि 1 जून से भारत-ओमान के बीच ट्रेड डील (India-Oman Trade Deal) लागू हो सकती है. दिसंबर में इस समझौते पर साइन हुए थे और इससे भारत से निर्यात होने वाले 99% सामानों को मुस्लिम देश में जीरो टैरिफ के साथ एक्सेस मिल सकता है.

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1 जून से लागू हो सकता है भारत-ओमान के बीच समझौता. (File Photo: ITG) 1 जून से लागू हो सकता है भारत-ओमान के बीच समझौता. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

भारत और ओमान के बीच ट्रेड एग्रीमेंट अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 जून 2026 से लागू हो सकता है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसके संकेत दिए. उन्होंने कहा था कि सरकार ग्लोबल ट्रेड अनिश्चितताओं के बीच आयात पर निर्भरता कम करते हुए निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा दे रही है और ओमान के साथ प्रस्तावित एफटीए इसी का हिस्सा है.  

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मुस्लिम देश ओमान की साल 2006 के बाद ये किसी देश के साथ पहली डील है, उस समय US-Oman समझौता देखने को मिला था. वहीं खाड़ी सहयोग परिषद के किसी देश के साथ भारत द्वारा किया गया ये दूसरा समझौता है. इससे पहले India-UAE डील हुई थी.  India-Oman के बीच बीते साल दिसंबर महीने समझौते पर साइन किए गए थे और इसके तहत भारत से मुस्लिम देश ओमान को निर्यात होने वाले 99% उत्पादों को जीरो टैरिफ (Zero Tariff) कैटेगरी में रखा गया. 

बीते साल समझौता, अब लगेगी मुहर
दिसंबर 2025 में भारत-ओमान के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (India-Oman CEPA) साइन किया गया था. इसके तहत ओमान भारत को टैरिफ फ्री (Tariff Free) पहुंच प्रदान करेगा. इसमें भारत द्वारा ओमान को निर्यात की जाने वाली 99.38% वस्तुएं शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर भारत ने अपनी कुल टैरिफ लाइन में से 77.79% पर शुल्क में राहत की पेशकश की है, जो ओमान से आयात होने वाले 94.81% सामान को कवर करती है.

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वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 10.5 अरब डॉलर तक पहुंचा था. इसमें भारत की ओर से ओमान को 4.06 अरब डॉलर (करीब 36,634 करोड़ रुपये से ज्यादा) का माल निर्यात किया गया था, तो वहीं ओमान से 6.5 अरब डॉलर (करीब 58,650 करोड़ रुपये से ज्यादा) का सामान आयात किया गया था. 

ट्रेड डील से भारत के सर्विस सेक्टर को बूम
India-Oman Trade के समझौते में माल निर्यात पर टैरिफ हटाने के अलावा, कई और छूटें भी शामिल हैं, जिनसे भारत के सर्विस सेक्टर को बंपर फायदा होने की उम्मीद है, इसमें श्रमिकों की आवाजाही भी शामिल है. रिपोर्ट्स की मानें, तो वेस्ट एशिया के तमाम देशों में करीब 6.75 लाख भारतीय रहते हैं. ओमान फिलहाल दुनिया से लगभग 12.52 अरब डॉलर की सेवाएं आयात करता है, जिसमें से भारत की हिस्सेदारी 5.31% है.

भारतीय आर्युवेद समेत यहां फायदे 
ओमान से Trade Deal के भारत को होने वाले बड़े फायदों की बात करें, तो समझौते पर साइन के समय जारी की गई एक सरकारी रिलीज के मुताबिक, भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी, वस्त्र, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, फार्मा प्रोडक्ट्स, मेडिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को पूर्ण टैरिफ फ्री एक्सेस मिलेगा. इसके अलावा ये समझौता भारत के आयुष या आयुर्वेदिक मेडिसिन सेक्टर के लिए ओमान को एक नए बाजार के रूप में भी देखता है. इसके बदले में, भारत खजूर, संगमरमर और पेट्रोकेमिकल्स जैसे ओमानी उत्पादों पर शुल्क कम या खत्म करेगा.

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होर्मुज के एक हिस्से पर कंट्रोल
फिलहाल दुनिया में जिस होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से हाहाकार मचा है और तेल-गैस संकट देखने को मिल रहा है. उस Strait of Hormuz पर सिर्फ ईरान का एकमात्र नियंत्रण नहीं है, बल्कि ओमान का भी कंट्रोल है. जहां ईरान उत्तर की तरफ से इसे नियंत्रित करता है, तो दक्षिण की तरफ ओमान का दबदबा है. 

ओमान Crude Oil-LNG उत्पादक देश है, हालांकि UAE-कतर जितना बड़ा नहीं, फिर भी खाड़ी क्षेत्र में अहम रोल निभाता है. भारत भी ओमान से तेल और LNG खरीदता है. होर्मुज स्ट्रेट के एक हिस्से पर नियंत्रण के चलते मिडिल ईस्ट टेंशन जैसे हालातों में भारत यहां के बंदरगाहों के जरिए सप्लाई चेन बनाए रख सकता है. ओमान भारत के लिए वैकल्पिक समुद्री रूट के साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट, एनर्जी सिक्योरिटी मुहैया कराने वाले बड़े पार्टनर के रूप में भूमिका निभा सकता है. 

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