Indian Economy: पहले वर्ल्ड बैंक, अब इस एजेंसी ने कहा- 'चुनौतियां बहुत... लेकिन भारत में है दम'

Good News For Indian Economy: ट्रंप टैरिफ अटैक से लेकर US-Iran में तनाव से भले ही ग्लोबल टेंशन चरम पर है, लेकिन भारतीय इकोनॉमी को लेकर एक के बाद एक गुड न्यूज आ रही हैं. पहले वर्ल्ड बैंक ने India GDP Growth का अनुमान बढ़ाया, तो अब Deloitte ने भी भारत का लोहा माना है.

Advertisement
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक के बाद एक गुड न्यूज (File Photo: ITG) भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक के बाद एक गुड न्यूज (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

इंडियन इकोनॉमी लगातार दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं (India Fastest Growing Economy) में बना हुआ है. देश की ही नहीं, बल्कि तमाम ग्लोबल एजेंसियों ने भारत की तेज रफ्तार का लोहा माना है. एक ही दिन में मोदी सरकार के लिए विदेश से दो गुड न्यूज आईं. पहले वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ (India GDP Growth) के अनुमान में तगड़ा इजाफा किया, तो उसे तुरंत बाद विदेश से एक और खुश करने वाली खबर डेलॉयट ने दी और कहा कि Indian Economy रुकने वाली नहीं है, तमाम चुनौतियों के बाद भी इसकी रफ्तार तेज रहेगी. 

Advertisement

इस रफ्तार से दौड़ेगी भारत की इकोनॉमी
Deloitte ने वित्त वर्ष 2026 में इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 7.5% से 7.8% रहने का अनुमान जताया है. एजेंसी ने कहा है कि मजबूत घरेलू डिमांज और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में मजबूती के चलते देश की रफ्तार तेज रहेगी.  डेलॉयट इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल ट्रेड टेंशन और ट्रंप टैरिफ की वजह से व्यापार में व्यवधान, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नीतिगत बदलाव और अस्थिर कैश फ्लो समेत कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद FY26 की पहली छमाही में भारत नॉमिलन जीडीपी में 8% की ग्रोथ के साथ आर्थिक प्रदर्शन की दृष्टि से बेहतर बना हुआ है. 

भारत पर भरोसा जताते हुए एजेंसी ने आगे कहा कि यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब भारत को रिकॉर्ड विदेशी निवेशकों की बिकवाली और करेंसी में गिरावट समेत तमाम महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन घरेलू सुधारों और त्योहारी डिमांड ने पॉजिटिव आउटलुक को बल दिया है. 

Advertisement

भारत की दनादन डील से राहत
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने नई फ्री ट्रेड डील्स (Free Trade Deals) के जरिए अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाई है. देश ने ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ओमान के साथ समझौते किए हैं, जबकि इजराइल संग बातचीत शुरू ट्रेड और इन्वेस्टमेंट संबंधों का विस्तार किया है. डेलॉयट ने कहा कि बाहरी जोखिम अभी भी हाई हैं, लेकिन 2025-26 में इनका पूरा प्रभाव नहीं दिखेगा, हालांकि FY2026-27 में वैश्विक अनिश्चितताओं से ग्रोथ रेट में थोड़ी कमी आ सकती है और ये 6.6-6.9% रह सकती है. 

World Bank ने भी दी खुशखबरी 
डेलॉयट से पहले वर्ल्ड बैंक ने भी भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाते हुए (World Bank Rise India's GDP Growth Forecast) 7.2% कर दिया, इससे पहले जून 2025 में जताया गया अनुमान 6.3% था, जिससे ये 0.9 फीसदी ज्यादा है. विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इंडियन इकोनॉमी की रफ्तार पर अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव बेहद सीमित रहेगा. 

विश्व बैंक ने अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि (US Tariff Hike) के बावजूद मजबूत घरेलू डिमांड का हवाला देते हुए FY2026 के लिए ग्रोथ अनुमान बढ़ाया है. रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू मांग में उम्मीद से अधिक मजबूती और उपभोग के बेहतर रुझानों के चलते भारत पर अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी का असर कम रहेगा. सरकार द्वारा की गई टैक्स कटौती (Govt Tax Cut) और ग्रामीण आय में वृद्धि से घरेलू खपत में मजबूती आई है, जिसके चलते भारत का आउटलुक बेहतर नजर आ रहा है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement